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15 साल पुरानी कार की RC रिन्यूअल: जानें Form 25 का तरीका

नई दिल्ली। अगर आपकी कार 15 साल पुरानी हो चुकी है और आप उसकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की वैधता बढ़वाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी आपके लिए बेहद काम की हो सकती है। पुराने वाहन की RC का नवीनीकरण केवल फॉर्म भरने तक सीमित नहीं है। इसमें आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित […]

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  • October 14, 2026 11:30 pm IST, Published 17 minutes ago

नई दिल्ली। अगर आपकी कार 15 साल पुरानी हो चुकी है और आप उसकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की वैधता बढ़वाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी आपके लिए बेहद काम की हो सकती है। पुराने वाहन की RC का नवीनीकरण केवल फॉर्म भरने तक सीमित नहीं है। इसमें आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित शुल्क, वाहन का निरीक्षण और संबंधित परिवहन विभाग की मंजूरी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों 15 साल पुरानी कार की RC रिन्यू कराने के लिए Form 25 का जिक्र किया जा रहा है। हालांकि, वाहन के पंजीकरण की अवधि समाप्त होने, नवीनीकरण के आवेदन और वाहन के इस्तेमाल से जुड़े नियम राज्य, वाहन की श्रेणी और लागू परिवहन संबंधी निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के RTO या आधिकारिक परिवहन पोर्टल से नवीनतम जानकारी प्राप्त करना जरूरी है।

15 साल पुरानी कार की RC रिन्यू कराने के लिए कौन-सा फॉर्म जरूरी है?

निजी कार के रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 52 के तहत Form 25 निर्धारित है। परिवहन विभाग की प्रक्रिया के अनुसार, वाहन की RC की वैधता समाप्त होने से अधिकतम 60 दिन पहले आवेदन किया जा सकता है। नवीनीकरण के लिए वाहन का निरीक्षण और निर्धारित शुल्क का भुगतान भी आवश्यक हो सकता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि 15 वर्ष पूरे होने का मतलब यह नहीं है कि हर कार को स्वतः सड़क से हटाना अनिवार्य है या हर कार का नवीनीकरण निश्चित रूप से हो जाएगा। वाहन की तकनीकी स्थिति, लागू स्थानीय नियमों और संबंधित प्राधिकरण के निर्णय के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होती है।

RC रिन्यूअल के लिए जरूरी दस्तावेजों की पूरी सूची

आवेदन करने से पहले दस्तावेजों को व्यवस्थित कर लेना उपयोगी रहता है। आम तौर पर निम्नलिखित कागजात मांगे जा सकते हैं:

* मूल RC: वाहन का मौजूदा पंजीकरण प्रमाणपत्र।

* वैध इंश्योरेंस: वाहन बीमा का प्रमाणपत्र।

* PUC प्रमाणपत्र: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र।

* पहचान प्रमाण: आधार कार्ड या विभाग द्वारा स्वीकार किया जाने वाला अन्य पहचान पत्र।

* पता प्रमाण: यदि वर्तमान पता RC में दर्ज पते से अलग है, तो संबंधित प्रमाण।

* Form 25: पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण का निर्धारित आवेदन पत्र।

* कर भुगतान का प्रमाण: जहां लागू हो, वाहन कर और अन्य बकाया राशि का विवरण।

* निर्धारित शुल्क: नवीनीकरण और लागू निरीक्षण संबंधी शुल्क का भुगतान।

राज्य और संबंधित RTO के अनुसार दस्तावेजों की सूची में अंतर हो सकता है। दिल्ली परिवहन विभाग भी निजी वाहन के पुनः पंजीकरण के लिए Form 25, मूल RC, बीमा, PUC, कर भुगतान और निर्धारित शुल्क जैसे दस्तावेजों का उल्लेख करता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

स्टेप 1: वाहन की स्थिति जांचें

सबसे पहले RC पर दर्ज पंजीकरण की तारीख और उसकी समाप्ति तिथि देखें। यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन पर कोई लंबित कर या अन्य ऐसा बकाया न हो जो आवेदन की प्रक्रिया को प्रभावित करे।

स्टेप 2: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

केंद्र सरकार के परिवहन पोर्टल [Parivahan Sewa](https://parivahan.gov.in/) पर उपलब्ध वाहन संबंधी सेवाओं में जाकर अपने राज्य और वाहन से जुड़ी उपयुक्त सेवा तलाशें। VAHAN नागरिक सेवाओं के माध्यम से निजी गैर-परिवहन वाहनों के पंजीकरण नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और शुल्क भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।

स्टेप 3: विवरण भरें और दस्तावेज जमा करें

वाहन का पंजीकरण नंबर और मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें। जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हो, वहां आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें। Form 25 का आधिकारिक प्रारूप भी पोर्टल से प्राप्त किया जा सकता है।

स्टेप 4: शुल्क का भुगतान करें

पोर्टल या संबंधित कार्यालय में लागू शुल्क की पुष्टि करें। राशि वाहन की श्रेणी, लागू नियमों और संबंधित सेवाओं के अनुसार अलग हो सकती है। सोशल मीडिया पर बताई गई किसी निश्चित रकम को सभी राज्यों के लिए सही न मानें।

स्टेप 5: वाहन निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करें

निर्धारित तारीख पर कार को संबंधित RTO या अधिकृत निरीक्षण केंद्र में प्रस्तुत करना पड़ सकता है। अधिकारी वाहन की स्थिति और आवश्यक तकनीकी मानकों की जांच कर सकते हैं। मंजूरी मिलने के बाद ही नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी।

कार की फिटनेस में किन बातों का रखा जाता है ध्यान?

पुरानी कार का नवीनीकरण कराते समय उसकी सड़क पर चलने की उपयुक्तता महत्वपूर्ण होती है। वाहन निरीक्षण के दौरान इन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दिया जा सकता है:

* ब्रेक और हैंडब्रेक सही तरीके से काम कर रहे हों।

* हेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर और अन्य लाइटें ठीक हों।

* हॉर्न और आवश्यक सुरक्षा उपकरण काम कर रहे हों।

* टायरों की स्थिति और वाहन के अन्य जरूरी हिस्से सुरक्षित हों।

* इंजन से निर्धारित मानकों से अधिक धुआं न निकल रहा हो।

* वाहन की समग्र स्थिति सड़क पर सुरक्षित संचालन के अनुकूल हो।

केवल इन सामान्य जांच बिंदुओं को पूरा कर लेना नवीनीकरण की गारंटी नहीं है। अंतिम निर्णय संबंधित प्राधिकरण के निरीक्षण और लागू मानकों के आधार पर होगा।

RC कितने साल के लिए रिन्यू होती है?

निजी गैर-परिवहन वाहनों का पंजीकरण सामान्यतः शुरुआती 15 वर्ष की अवधि के बाद नियमानुसार प्रत्येक पांच वर्ष के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित आवेदन, शुल्क और आवश्यक निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

हालांकि, RC रिन्यू होना और किसी क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति मिलना दो अलग बातें हैं। दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में पुराने वाहनों पर लागू पर्यावरणीय प्रतिबंध और न्यायिक आदेश भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए केवल RC नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के आधार पर यह न मानें कि वाहन हर जगह चलाया जा सकता है। अपने क्षेत्र के परिवहन विभाग और लागू आधिकारिक निर्देशों से इसकी पुष्टि जरूर करें।

आवेदन करने से पहले इन गलतियों से बचें

पहली गलती है, RC की समाप्ति तिथि को नजरअंदाज करना। दूसरी गलती है, अधूरे दस्तावेजों के साथ RTO पहुंचना। तीसरी गलती है, सोशल मीडिया की जानकारी को सरकारी नियम मान लेना।

इसके अलावा, यदि RC की वैधता पहले ही समाप्त हो चुकी है, तो वाहन को सार्वजनिक स्थान पर चलाने से पहले उसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट कर लें। केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार, वैध पंजीकरण समाप्त होने के बाद नवीनीकरण होने तक वाहन को सार्वजनिक स्थान पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष

15 साल पुरानी निजी कार की RC रिन्यू कराने के लिए Form 25 एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। वाहन मालिक को मूल RC, वैध बीमा, PUC, लागू कर भुगतान के प्रमाण और निर्धारित शुल्क की तैयारी रखनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध होने पर Parivahan पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन वाहन निरीक्षण और स्थानीय नियमों की पुष्टि करना भी जरूरी है।

कार की RC समाप्त होने से पहले संबंधित RTO से प्रक्रिया समझ लें। इससे अनावश्यक चक्कर लगाने, दस्तावेजों की कमी और कानूनी परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।

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