नई दिल्ली: दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को इंजीनियर्स डे 2026 का आयोजन किया गया। केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम, सिविक सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में इंजीनियरिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 25 अभियंताओं और इससे जुड़े विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिन्हें देश में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और दूरदर्शी सोच के लिए याद किया जाता है।
समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई तकनीक, नवाचार और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं के महत्व पर भी चर्चा हुई।
इस वर्ष दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने अपने इंजीनियर्स डे समारोह को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को समर्पित किया। कार्यक्रम में दिल्ली मेट्रो की इंजीनियरिंग उपलब्धियों और शहर के परिवहन ढांचे को बदलने में उसकी भूमिका की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली मेट्रो ने आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण निर्माण, समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन और बेहतर प्रबंधन के जरिए राजधानी के करोड़ों लोगों के आवागमन को आसान बनाने में अहम योगदान दिया है।
दिल्ली मेट्रो को भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता और तकनीकी दक्षता के महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर भी प्रस्तुत किया गया। समारोह में DMRC से जुड़े अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण की प्रशंसा की गई। वक्ताओं का कहना था कि बड़े शहरों के लिए आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि बेहतर शहरी जीवन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 25 अभियंताओं को सम्मान प्रदान किया गया। इनमें PWD के EnC के अतिरिक्त महानिदेशक नवीन बंसल, DMRC के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार गुप्ता, DDA के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता एवं समाजसेवी एस.सी. टयाल और Select CITYWALK के निदेशक-परियोजनाएं शशि शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। सम्मानित लोगों के कार्यों को इंजीनियरिंग, आधारभूत संरचना, जनसेवा और विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सराहा गया।

इंजीनियर्स डे के अवसर पर मौजूद अभियंताओं ने देश के विकास में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने का संकल्प भी लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में अपनी भूमिका निभाने और अपने ज्ञान, अनुभव तथा नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।
दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव परम यादव ने कहा कि राजधानी को आधुनिक, स्मार्ट और बेहतर शहर बनाने में अभियंताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों का काम केवल सड़क, पुल, भवन या मेट्रो जैसी परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं। उन्होंने दिल्ली को और बेहतर बनाने के लिए अभियंताओं से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन और उनके योगदान को भी याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए इंजीनियरिंग क्षेत्र में ईमानदारी, गुणवत्ता, नवाचार और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने की बात कही। एसोसिएशन ने दोहराया कि तकनीकी विकास को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
इंजीनियर्स डे समारोह के माध्यम से दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने इंजीनियरिंग पेशे की भूमिका को रेखांकित करते हुए राजधानी के विकास में अभियंताओं की सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। एसोसिएशन ने अभियंताओं से दिल्ली को आधुनिक, स्मार्ट और टिकाऊ शहर बनाने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग करने की अपील की।