नई दिल्ली: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने देश में अत्याधुनिक सैटेलाइट फोन सेवा के तहत एक विशेष सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराया है, जिसकी कीमत लगभग 1.34 लाख रुपये बताई जा रही है। यह फोन आम स्मार्टफोन की तरह बाजार, मोबाइल शोरूम या ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदने के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इसे विशेष रूप से उन परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह विफल हो जाता है या उपलब्ध नहीं होता।
BSNL का यह सैटेलाइट फोन सीधे उपग्रह (Satellite) से कनेक्ट होकर संचार स्थापित करता है। यही कारण है कि यह पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगलों, समुद्री इलाकों, सीमावर्ती क्षेत्रों और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित स्थानों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। ऐसे क्षेत्रों में सामान्य मोबाइल नेटवर्क अक्सर उपलब्ध नहीं रहता, जबकि सैटेलाइट फोन बिना मोबाइल टावर के भी कॉलिंग और आपातकालीन संचार की सुविधा प्रदान करता है।
किन लोगों के लिए बनाया गया है यह फोन?
BSNL का यह सैटेलाइट फोन मुख्य रूप से भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), नौसेना, तटरक्षक बल, राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं के उपयोग के लिए विकसित किया गया है। इसके अलावा उन संस्थानों को भी यह सुविधा दी जा सकती है, जो दूरस्थ और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कार्य करते हैं।
विशेष परिस्थितियों में पर्वतारोहण, समुद्री अनुसंधान, खनन परियोजनाओं तथा आपदा राहत कार्यों में लगे संगठनों के लिए भी यह फोन उपयोगी साबित हो सकता है।
आम लोग क्यों नहीं खरीद सकते?
हालांकि फोन की कीमत सार्वजनिक रूप से लगभग 1.34 लाख रुपये बताई जा रही है, लेकिन केवल कीमत चुकाने भर से कोई भी व्यक्ति इसे नहीं खरीद सकता। इस फोन की खरीद और उपयोग के लिए BSNL से विशेष अनुमति तथा आवश्यकता का प्रमाण देना आवश्यक होगा।
सैटेलाइट संचार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय माना जाता है। इसलिए सरकार ने इसके उपयोग पर सख्त नियम बनाए हैं। बिना वैध अनुमति के सैटेलाइट फोन का उपयोग कई परिस्थितियों में कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।
क्या हैं इस फोन की प्रमुख खूबियां?
BSNL का यह विशेष सैटेलाइट फोन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहता। इसकी प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं—
सीधे सैटेलाइट के माध्यम से कॉलिंग।
नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में भी संचार।
आपातकालीन SOS सुविधा।
प्राकृतिक आपदा के दौरान विश्वसनीय संपर्क।
मजबूत एवं टिकाऊ डिजाइन।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए भरोसेमंद संचार व्यवस्था।
इन विशेषताओं के कारण यह फोन उन परिस्थितियों में भी उपयोगी रहता है, जहां सामान्य मोबाइल पूरी तरह बेकार हो जाते हैं।
आपदा प्रबंधन में बड़ी भूमिका
भारत में हर वर्ष बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाएं सामने आती हैं। ऐसी घटनाओं के दौरान मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और संचार व्यवस्था बाधित हो जाती है।
ऐसे समय में सैटेलाइट फोन राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। NDRF, सेना और अन्य एजेंसियां इनके माध्यम से आपसी समन्वय बनाए रख सकती हैं और प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता शीघ्र पहुंचाई जा सकती है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में मिलेगा लाभ
भारत की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं ऊंचे पहाड़ों, रेगिस्तानी इलाकों और घने जंगलों से होकर गुजरती हैं। इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क सीमित या पूरी तरह अनुपलब्ध रहता है। ऐसे में BSNL का यह सैटेलाइट फोन सुरक्षा बलों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
सीमावर्ती चौकियों पर तैनात जवान बिना किसी नेटवर्क बाधा के मुख्यालय से संपर्क बनाए रख सकेंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
आधुनिक संचार की दिशा में बड़ा कदम
डिजिटल इंडिया और आधुनिक दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में BSNL लगातार नई तकनीकों को अपनाने का प्रयास कर रहा है। सैटेलाइट आधारित संचार सेवा देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक विश्वसनीय कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
भविष्य में यदि सरकार की नीतियों में बदलाव होता है और आवश्यक अनुमति प्रक्रिया सरल बनाई जाती है, तो विशेष परिस्थितियों में निजी संस्थानों और सीमित नागरिक उपयोग के लिए भी ऐसी सेवाओं का विस्तार संभव हो सकता है।
BSNL का 1.34 लाख रुपये का सैटेलाइट फोन आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं, बल्कि विशेष सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन संगठनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह फोन बिना मोबाइल नेटवर्क के भी निर्बाध संचार, आपातकालीन SOS सुविधा और विश्वसनीय कनेक्टिविटी प्रदान करता है। प्राकृतिक आपदाओं, सीमावर्ती इलाकों और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा और नियंत्रित उपयोग के कारण इसे सामान्य बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है।