नई दिल्ली: परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर शुरू किया गया विरोध प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया। इस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
7 दिनों से जारी है अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। शनिवार को उनके अनशन का 7वां दिन था। आंदोलनकारियों और सीजेपी के आयोजकों के अनुसार, लगातार उपवास के कारण वांगचुक के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई है और उनका वजन लगभग 5 किलो तक घट गया है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि:
परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय की जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन को छात्रों, युवाओं के अलावा कई किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। आयोजकों ने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन प्रदर्शन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और भारी पुलिस बल की तैनाती के जरिए समर्थकों को स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सोनम वांगचुक का अनशन और प्रदर्शन जारी रहेगा।