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क्या पपीता बच्चों की लंबाई बढ़ाता है? जानिए डॉक्टरों की राय

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जिन बच्चों की शारीरिक लंबाई कम होती है या जिनका शरीर कमजोर होता है, उन्हें प्रतिदिन पपीता खिलाना चाहिए। पोस्ट में यह संदेश भी दिया गया है कि पपीता बच्चों की लंबाई बढ़ाने […]

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Gauravshali Bharat News
  • July 21, 2026 8:30 pm IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जिन बच्चों की शारीरिक लंबाई कम होती है या जिनका शरीर कमजोर होता है, उन्हें प्रतिदिन पपीता खिलाना चाहिए। पोस्ट में यह संदेश भी दिया गया है कि पपीता बच्चों की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है। इस दावे को देखकर कई अभिभावकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या वास्तव में केवल पपीता खाने से बच्चों की हाइट बढ़ सकती है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस दावे को पूरी तरह सही मानना उचित नहीं होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार पपीता एक बेहद पौष्टिक फल है, लेकिन इसे बच्चों की लंबाई बढ़ाने का चमत्कारी उपाय नहीं कहा जा सकता। बच्चों की लंबाई कई जैविक और पोषण संबंधी कारकों पर निर्भर करती है।

पपीता क्यों माना जाता है फायदेमंद?

पपीता विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसमें मौजूद पपेन (Papain) नामक एंजाइम भोजन को पचाने में सहायता करता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में पपीता खाने से बच्चों की पाचन शक्ति बेहतर हो सकती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि स्वस्थ पाचन और बेहतर पोषण बच्चों के संपूर्ण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पपीता संतुलित आहार का अच्छा हिस्सा हो सकता है।

क्या केवल पपीता खाने से बढ़ जाएगी हाइट?

डॉक्टरों का कहना है कि इसका उत्तर नहीं है। बच्चों की लंबाई मुख्य रूप से आनुवंशिक (Genetics) कारणों पर निर्भर करती है। यदि माता-पिता की लंबाई सामान्य या अधिक है तो बच्चे की लंबाई भी उसी अनुसार विकसित होने की संभावना रहती है।

इसके अलावा बच्चों की हाइट पर निम्न कारकों का भी प्रभाव पड़ता है—

संतुलित एवं पौष्टिक आहार

पर्याप्त प्रोटीन का सेवन

कैल्शियम और विटामिन-डी

नियमित शारीरिक गतिविधि

पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद

हार्मोन का सामान्य विकास

समग्र स्वास्थ्य

ऐसी स्थिति में केवल किसी एक फल के भरोसे लंबाई बढ़ने की उम्मीद करना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जाता।

बच्चों के लिए संतुलित आहार जरूरी

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के भोजन में केवल फल ही नहीं बल्कि दूध, दही, अंडा, दालें, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और मौसमी फल भी शामिल होने चाहिए। इससे शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जो शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं।

यदि बच्चा पपीता पसंद करता है तो उसे सप्ताह में कई बार संतुलित मात्रा में पपीता दिया जा सकता है। हालांकि किसी भी खाद्य पदार्थ का अत्यधिक सेवन उचित नहीं माना जाता।

नियमित व्यायाम और नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण

विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों के विकास में खेलकूद और शारीरिक गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दौड़ना, कूदना, साइकिल चलाना, तैराकी और आउटडोर गेम्स हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

इसके साथ ही उम्र के अनुसार 8 से 10 घंटे या उससे अधिक की पर्याप्त नींद ग्रोथ हार्मोन के सामान्य स्राव के लिए आवश्यक मानी जाती है।

सोशल मीडिया की हर जानकारी सही नहीं होती

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए। कई बार अधूरी जानकारी लोगों को भ्रमित कर सकती है। यदि बच्चे के विकास, वजन या लंबाई को लेकर कोई चिंता है तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

किन बच्चों को सावधानी बरतनी चाहिए?

यदि किसी बच्चे को किसी विशेष फल से एलर्जी है या पाचन संबंधी समस्या रहती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही आहार में बदलाव करना चाहिए। छोटे बच्चों को कोई भी नया खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे और सीमित मात्रा में देना उचित माना जाता है।

पपीता एक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक फल है, जो बच्चों की इम्युनिटी, पाचन शक्ति और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि यह कहना कि केवल प्रतिदिन पपीता खिलाने से बच्चों की लंबाई बढ़ जाएगी, वैज्ञानिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। बच्चों की हाइट आनुवंशिक गुणों, संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और समग्र स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। इसलिए बच्चों के भोजन में पपीता जरूर शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसे हाइट बढ़ाने का अकेला उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

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