• होम
  • दिल्ली/NCR
  • त्योहारों में नकली घी का बड़ा खेल! दिल्ली में छापेमारी से मचा हड़कंप

त्योहारों में नकली घी का बड़ा खेल! दिल्ली में छापेमारी से मचा हड़कंप

नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में मिठाइयों, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ लोग कथित तौर पर मिलावटखोरी का खेल शुरू कर देते हैं। दिल्ली में मिलावटी देसी घी की बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 30, 2026 11:59 pm IST, Published 41 minutes ago

नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में मिठाइयों, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ लोग कथित तौर पर मिलावटखोरी का खेल शुरू कर देते हैं। दिल्ली में मिलावटी देसी घी की बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम लोगों की सेहत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मिलावटी घी की बिक्री के संदेह में तीन स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान करीब 948.9 लीटर घी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। त्योहारों से पहले इतनी बड़ी मात्रा में घी की जब्ती को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि देसी घी का इस्तेमाल घरों में पूजा-पाठ, प्रसाद, मिठाइयों और रोजमर्रा के भोजन में किया जाता है। ऐसे में यदि बाजार में नकली या मिलावटी घी पहुंचता है तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके भरोसे पर पड़ सकता है।

तीन इलाकों में एक साथ हुई कार्रवाई, कहां कितना घी मिला?

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने बुधवार को दिल्ली के तीन अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की। अधिकारियों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जब्त किए गए घी का क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है:

* भोगल मार्केट (दक्षिण-पूर्वी दिल्ली): यहां से 389.9 लीटर घी जब्त किया गया।

* नजफगढ़ मार्केट (दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली): यहां की कार्रवाई में 338 लीटर घी जब्त हुआ।

* शिव विहार (उत्तर-पूर्वी दिल्ली): यहां दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 221 लीटर घी जब्त किया गया।

तीनों स्थानों से जब्त घी की कुल मात्रा 948.9 लीटर बताई गई है। यह कार्रवाई त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों का उद्देश्य संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों को बाजार में उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकना है। The Tribune +2

15 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए

छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने भोगल और नजफगढ़ मार्केट से घी के कुल 15 नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त किए गए घी में मिलावट थी या वह गुणवत्ता संबंधी अन्य मानकों पर खरा नहीं उतरता था।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल घी जब्त होने से उसमें मिलावट साबित नहीं होती। खाद्य पदार्थ की वास्तविक गुणवत्ता का निर्धारण प्रयोगशाला की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग की ओर से नमूनों की जांच को इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इससे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति सामने आएगी और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। Latest News Delhi +2

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सरकार की सख्त नीति दोहराई है। उन्होंने कहा है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक बनाने और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार की योजना विभाग की जांच व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके। इसके साथ ही विभाग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों से भी कर्मचारियों की तैनाती की जा सकती है, जिससे दिल्ली के अलग-अलग बाजारों, दुकानों और खाद्य उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठानों की निगरानी का दायरा बढ़ाया जा सके।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि मिलावट के खिलाफ अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल जारी रखा जाएगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।

त्योहारों में क्यों बढ़ जाता है मिलावट का खतरा?

त्योहारों के समय बाजारों में मिठाइयों, नमकीन, दूध, पनीर, खोया और घी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। घरों में पकवान बनाने, मिठाइयां तैयार करने और धार्मिक आयोजनों में प्रसाद के लिए इन उत्पादों का इस्तेमाल अधिक होता है।

बढ़ती मांग के बीच कुछ कारोबारी अनुचित तरीके अपनाकर अधिक मुनाफा कमाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों, गलत लेबलिंग और संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री का खतरा बढ़ जाता है।

घी ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसका उपयोग भारतीय रसोई में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसका इस्तेमाल दाल, रोटी, मिठाई, हलवा, लड्डू और अन्य पकवानों में होता है। इसलिए इसकी गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं का सतर्क रहना जरूरी है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट या असुरक्षित सामग्री का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, किसी खास उत्पाद के स्वास्थ्य पर प्रभाव का आकलन उसकी वास्तविक संरचना और उसमें मौजूद संदूषकों के आधार पर ही किया जा सकता है।

घी खरीदते समय उपभोक्ता इन बातों का रखें ध्यान

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे घी और अन्य खाद्य उत्पाद खरीदते समय सावधानी बरतें। थोड़ी सी सतर्कता से संदिग्ध उत्पादों की खरीद से बचा जा सकता है।

* घी हमेशा विश्वसनीय और प्रतिष्ठित दुकान से खरीदें।

* पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें।

* उत्पाद की निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच करें।

* पैकेजिंग पर निर्माता का नाम और पूरा पता देखें।

* खुले में बिकने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतें।

* असामान्य रूप से कम कीमत पर मिलने वाले घी को खरीदने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांचें।

* खरीदारी के बाद बिल या रसीद जरूर लें।

उपभोक्ताओं को यह भी समझना चाहिए कि केवल पैकेट, ब्रांड या कीमत देखकर किसी उत्पाद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। किसी उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता की पुष्टि निर्धारित जांच से ही होती है।

मिलावट की शिकायत कहां और कैसे करें?

दिल्ली सरकार की ओर से खाद्य पदार्थों में मिलावट, खराब गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट पार कर चुके उत्पादों की बिक्री के संबंध में शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

दिल्ली खाद्य सुरक्षा विभाग हेल्पलाइन

1800-11-3921

विभाग द्वारा बताई गई कार्यालयीन अवधि में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

यदि किसी उपभोक्ता को किसी दुकान पर मिलावटी, खराब या संदिग्ध खाद्य सामग्री बिकने की जानकारी मिलती है तो वह संबंधित विभाग को इसकी सूचना दे सकता है। शिकायत करते समय दुकान का पता, उत्पाद का नाम, खरीदारी की रसीद और उपलब्ध अन्य जानकारी देना उपयोगी हो सकता है।

पूरे साल चलेगा मिलावट विरोधी अभियान

दिल्ली में 948.9 लीटर घी की जब्ती ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की निगरानी की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है। सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त कर्मचारियों से मजबूत बनाने की योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हालांकि, इस कार्रवाई का अंतिम परिणाम प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता संदिग्ध खाद्य उत्पादों की जांच करना और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

त्योहार खुशियों, परंपराओं और आपसी मेल-मिलाप का अवसर होते हैं। ऐसे में बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन के साथ-साथ कारोबारियों और उपभोक्ताओं की भी जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई दिल्ली के बाजारों में मिलावट पर लगाम लगाने में कितनी प्रभावी साबित होती है।

Advertisement