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न्यूजीलैंड से 87 रनों की हार, वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर उठे सवाल

इस हार के बाद वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने के फैसले पर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सीरीज में भारत मजबूत स्थिति में था, तब युवा खिलाड़ी को लगातार मौके देकर उसका आत्मविश्वास बढ़ाया जा

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Gauravshali Bharat News
  • October 30, 2026 9:30 pm IST, Published 41 minutes ago

न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को 87 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया 260 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 172 रन ही बना सकी। इस हार के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजी प्रदर्शन के साथ-साथ टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर हो रही है। पिछले मुकाबले में अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर तूफानी बल्लेबाजी करने वाले वैभव को अगले ही मैच में मौका नहीं मिला।
दरअसल, वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा था। उन्होंने महज 19 गेंदों पर 45 रन बनाए थे। उनकी इस पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 236.84 रहा था। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने मिलकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला था। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए केवल 43 गेंदों में 133 रनों की शानदार साझेदारी हुई थी। इस साझेदारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई और मुकाबले में टीम की जीत की नींव रखी।

इस शानदार प्रदर्शन के बाद उम्मीद की जा रही थी कि चौथे मुकाबले में भी अभिषेक और वैभव की जोड़ी मैदान पर दिखाई देगी। लेकिन टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग इलेवन में बदलाव करते हुए वैभव की जगह ईशान किशन को मौका दिया। ईशान चोट से उबरने के बाद टीम में वापस लौटे थे। वहीं, गेंदबाजी विभाग में भी बदलाव किया गया और भुवनेश्वर कुमार की जगह मयंक यादव को शामिल किया गया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के समय इन बदलावों की जानकारी दी थी। भारत ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसे में चौथा मुकाबला टीम मैनेजमेंट के लिए खिलाड़ियों को आजमाने का अवसर भी हो सकता था। वैभव ने पिछले मैच में जिस तरह का प्रदर्शन किया था, उसे देखते हुए उन्हें एक और मौका देने की मांग उठ रही है। विदेशी परिस्थितियों में लगातार खेलने से युवा बल्लेबाज को अनुभव मिलता और न्यूजीलैंड की पिचों तथा तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी क्षमता परखने का अवसर मिलता।

हालांकि, वैभव को बाहर रखने के पीछे एक अहम वजह ईशान किशन की टीम में वापसी भी थी। ईशान सीरीज के शुरुआती मुकाबले में चोटिल हो गए थे, जिसके बाद वैभव को दूसरे और तीसरे टी20 में खेलने का अवसर मिला था। फिट होकर लौटने के बाद ईशान को फिर से प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इसलिए इस बदलाव को केवल वैभव के पिछले प्रदर्शन से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। यह टीम के संयोजन और उपलब्ध खिलाड़ियों से जुड़ा फैसला भी था। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों में 107 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 छक्के और छह चौके शामिल रहे। माइकल ब्रेसवेल ने भी महज 25 गेंदों में 65 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। इन दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 260 रनों का बड़ा लक्ष्य रख दिया।

जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी ने पहले ही ओवर में संजू सैमसन और ईशान किशन को पवेलियन भेज दिया। संजू ने चार रन बनाए, जबकि ईशान अपना खाता भी नहीं खोल सके। शुरुआती दो विकेट गिरने से भारतीय बल्लेबाजी दबाव में आ गई। अभिषेक शर्मा ने 15 गेंदों में 27 रन बनाकर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन वह भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। पावरप्ले के छह ओवर पूरे होने तक भारत चार विकेट गंवा चुका था। इसके बाद लगातार विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। तिलक वर्मा ने 35 रन और नमन धीर ने 28 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। जैकब डफी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए और भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। अंत में भारत 172 रन ही बना सका और न्यूजीलैंड ने मुकाबला 87 रनों से जीत लिया।

इस हार के बाद वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने के फैसले पर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सीरीज में भारत मजबूत स्थिति में था, तब युवा खिलाड़ी को लगातार मौके देकर उसका आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता था या नहीं। हालांकि, टीम मैनेजमेंट की रणनीति और खिलाड़ियों के चयन के पीछे कई तकनीकी पहलू होते हैं, जिनका आकलन केवल एक मैच के परिणाम से नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि इस हार के बावजूद भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से आगे है। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम की कोशिश आखिरी मैच जीतकर सीरीज का समापन जीत के साथ करने की होगी। वहीं, वैभव सूर्यवंशी को लेकर यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें अंतिम मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है या नहीं।

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