नयी दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘महिला समृद्धि योजना’ का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। सरकार की मंजूरी के बाद अब यह योजना नए नाम से लागू की जाएगी। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी दैनिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, इस योजना के तहत राजधानी की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी। योजना का शुभारंभ 28 अगस्त, यानी रक्षाबंधन के अवसर पर किए जाने की संभावना है। सरकार इसे महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में पेश कर रही है।
योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करती हों। इसके लिए महिला की आयु 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। इसके अलावा आवेदक का कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का स्थायी निवासी होना आवश्यक होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन परिवारों की महिलाओं को मिलेगा जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख या उससे कम है।
एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह रखी गई है कि लाभार्थी महिला के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। पात्रता की जांच के बाद योग्य महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। माना जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद संबंधित विभाग दस्तावेजों का सत्यापन कर लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार करेगा।
सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और कमजोर आय वर्ग के परिवारों को वित्तीय सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। योजना के लागू होने के बाद हजारों महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। अब लोगों की नजरें योजना की आधिकारिक लॉन्चिंग और आवेदन प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार शुरुआत होती है तो रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।