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Dixon और Kanodia Group संग MoU,सार्वजनिक स्थानों का होगा कायाकल्प

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा, आकर्षक और नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की मौजूदगी में दिल्ली सरकार ने Dixon Technologies Limited और Kanodia Group के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। […]

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  • August 31, 2026 3:36 pm IST, Published 51 minutes ago

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा, आकर्षक और नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की मौजूदगी में दिल्ली सरकार ने Dixon Technologies Limited और Kanodia Group के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत शहर के विभिन्न सार्वजनिक हिस्सों के सौंदर्यीकरण और उनके रखरखाव पर काम किया जाएगा।

सरकार की योजना खासतौर पर फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़े स्थानों का बेहतर इस्तेमाल करने की है। इन जगहों को केवल साफ करने के बजाय व्यवस्थित तरीके से विकसित करने पर जोर रहेगा, ताकि वे आसपास रहने वाले लोगों के लिए उपयोगी बन सकें। स्थान की जरूरत के मुताबिक हरियाली, बैठने की व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का एक प्रमुख हिस्सा राजधानी के फुटपाथों की स्थिति सुधारना भी है। दिल्ली के कई इलाकों में फुटपाथ गंदगी, टूट-फूट या अतिक्रमण जैसी समस्याओं से प्रभावित रहते हैं। सरकार और साझेदार संस्थाओं की ओर से इन क्षेत्रों की सफाई और रखरखाव को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पैदल चलने वाले लोगों को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है।

शहर की ग्रीन बेल्ट को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। हरित क्षेत्रों की सफाई, देखभाल और सौंदर्यीकरण के माध्यम से दिल्ली के पर्यावरणीय ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। सरकार की योजना ऐसे स्थानों को बेहतर तरीके से विकसित करने की है, जिससे शहर में हरियाली के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्रों की समग्र दृश्य गुणवत्ता में सुधार हो।

परियोजना का एक रचनात्मक पहलू फ्लाईओवर के पिलरों का सौंदर्यीकरण है। इन पिलरों पर भारतीय संस्कृति, आधुनिक कला और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित चित्र, संदेश और कलाकृतियां तैयार की जाएंगी। इसके जरिए सामान्य रूप से नजरअंदाज किए जाने वाले शहरी ढांचों को सार्वजनिक कला के हिस्से में बदलने की कोशिश होगी।

 

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दिल्ली सरकार का मानना है कि सार्वजनिक स्थान किसी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। सड़क, फ्लाईओवर और इमारतों के साथ-साथ फुटपाथ, पार्क, हरित क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थल भी नागरिकों के रोजमर्रा के अनुभव को प्रभावित करते हैं। ऐसे स्थान साफ और व्यवस्थित होने से शहर की छवि बेहतर होने के साथ लोगों को भी सुविधाजनक वातावरण मिल सकता है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री प्रवेश साहिब सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस साझेदारी के जरिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया। आने वाले समय में परियोजना के तहत चुने गए स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किए जाने की उम्मीद है।

फ्लाईओवर के नीचे खाली स्थानों को व्यवस्थित करने से राजधानी में कई ऐसे क्षेत्र विकसित किए जा सकते हैं, जो फिलहाल पर्याप्त उपयोग में नहीं आ रहे हैं। यदि इन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, हरियाली और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाता है, तो इनका इस्तेमाल स्थानीय लोगों की जरूरतों के अनुसार किया जा सकता है।

पिलरों पर कला और सांस्कृतिक विषयों को जगह देने से दिल्ली के विभिन्न इलाकों को अलग दृश्य पहचान भी मिल सकती है। भारतीय संस्कृति से जुड़े चित्रों के साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी तैयार होगा। इससे सार्वजनिक कला और नागरिक जागरूकता को एक साथ बढ़ावा देने की कोशिश की जा सकती है।

हालांकि, इस पहल की सफलता केवल सौंदर्यीकरण के शुरुआती काम पर निर्भर नहीं करेगी। विकसित किए गए स्थानों का लंबे समय तक रखरखाव, नियमित सफाई और उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। यदि इन पहलुओं पर लगातार ध्यान दिया जाता है, तो परियोजना का असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है। कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम राजधानी के सार्वजनिक ढांचे को अधिक व्यवस्थित और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। फ्लाईओवर के नीचे की जगहों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट और पिलरों को एक व्यापक योजना के तहत विकसित करने से शहर के कई हिस्सों का स्वरूप बदलने की संभावना है।

 

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