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राज्यसभा चुनाव 2026: 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान, राजनीतिक सरगर्मी तेज

नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने जून-जुलाई 2026 में खाली होने वाली राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग के अनुसार इन सीटों पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी […]

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  • May 22, 2026 12:11 pm IST, Published 11 hours ago

नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने जून-जुलाई 2026 में खाली होने वाली राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग के अनुसार इन सीटों पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही महाराष्ट्र और तमिलनाडु की दो सीटों पर उपचुनाव कराने का भी ऐलान किया गया है।

चुनाव आयोग की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भाजपा, कांग्रेस समेत कई क्षेत्रीय दल उम्मीदवारों के चयन और संख्या बल के गणित में जुट गए हैं। इस चुनाव में कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एचडी देवगौड़ा और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक होने पर मतदान कराया जाएगा। राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से होते हैं, जिसमें संबंधित राज्यों के विधायक वोट डालते हैं। इस दौरान ‘ओपन बैलेट’ व्यवस्था लागू रहती है ताकि क्रॉस वोटिंग और धनबल पर नियंत्रण रखा जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कई राज्यों में मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है। कुछ राज्यों में सत्तापक्ष मजबूत स्थिति में है, जबकि कई जगह विपक्ष संख्या बल के सहारे बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगा। राज्यसभा में संख्या बढ़ाने के लिहाज से यह चुनाव भाजपा और विपक्ष दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। खासकर आगामी लोकसभा रणनीति और संसद में विधेयकों को लेकर भी इन चुनावों के नतीजों का असर देखने को मिल सकता है।

गौरतलब है कि राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, जिसके सदस्य छह वर्षों के लिए चुने जाते हैं। हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नए प्रतिनिधि चुने जाते हैं। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव देश की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

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