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बंद नाक और खांसी में राहत? बाबा रामदेव ने बताया देसी हुक्का

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों बाबा रामदेव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक महिला को एक खास तरह के आयुर्वेदिक हुक्के के बारे में बताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इस तरीके का इस्तेमाल बंद नाक और खांसी जैसी परेशानियों […]

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  • September 12, 2026 9:03 am IST, Published 54 minutes ago

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों बाबा रामदेव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक महिला को एक खास तरह के आयुर्वेदिक हुक्के के बारे में बताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इस तरीके का इस्तेमाल बंद नाक और खांसी जैसी परेशानियों में राहत देने में मदद कर सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यह देसी नुस्खा सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

वायरल वीडियो में बाबा रामदेव एक महिला के सामने बैठे दिखाई देते हैं। महिला एक पाइप के जरिए हुक्के जैसी व्यवस्था से भाप या धुआं अंदर लेती नजर आती है। वीडियो में रामदेव इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए इसके पीछे इस्तेमाल होने वाली कुछ आयुर्वेदिक चीजों का जिक्र करते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए स्वास्थ्य संबंधी दावों को किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

क्या है बाबा रामदेव का बताया आयुर्वेदिक हुक्का?

वायरल वीडियो में बाबा रामदेव के हवाले से बताया जा रहा है कि इसमें सामान्य तंबाकू या फ्लेवर वाले हुक्के की जगह कुछ आयुर्वेदिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। पोस्ट के मुताबिक इसमें मुलैठी, हल्दी, राई, गाय का घी, काकड़ा सिंगी और देसी कपूर जैसी चीजों का जिक्र किया गया है।

बताए गए तरीके के अनुसार पहले मुलैठी को कुछ मात्रा में लेकर उसमें गाय का घी मिलाया जाता है। इसके बाद हल्दी और राई जैसी सामग्री डालने की बात कही जाती है। तैयार मिश्रण को हुक्के की प्लेट में रखने और उसके ऊपर कपूर जलाने के बाद काकड़ा सिंगी डालने का दावा वीडियो में किया गया है।

यह पूरा विवरण वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे पर आधारित है। अलग-अलग परिस्थितियों में इन पदार्थों को जलाने से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य पर अलग प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इसे घरेलू इलाज मानकर स्वयं प्रयोग करना उचित नहीं है।

बंद नाक और खांसी को लेकर क्या दावा किया गया?

वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे पोस्ट में दावा है कि इस आयुर्वेदिक तरीके से बंद नाक खोलने और खांसी जैसी समस्या में राहत मिल सकती है। यही दावा इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय बना रहा है।

सर्दी-जुकाम, एलर्जी या वायरल संक्रमण के दौरान नाक बंद होना और खांसी होना आम समस्याएं हैं। ऐसे में लोग अक्सर घरेलू नुस्खों की तलाश करते हैं। इसी वजह से आयुर्वेदिक सामग्री से जुड़े इस वीडियो को भी बड़ी संख्या में लोग देख और शेयर कर रहे हैं।

हालांकि, किसी वायरल वीडियो में किसी व्यक्ति द्वारा बताए गए उपाय से यह साबित नहीं होता कि वह उपाय हर व्यक्ति के लिए प्रभावी या सुरक्षित है। विशेष रूप से धुआं या जलने वाली सामग्री सांस के रास्ते में जाने से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।

तंबाकू वाले हुक्के से अलग है दावा

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। वायरल पोस्ट में जिस चीज को ‘आयुर्वेदिक हुक्का’ कहा जा रहा है, उसे सामान्य तंबाकू वाले हुक्के से अलग बताया गया है। पोस्ट में तंबाकू के बजाय विभिन्न घरेलू और आयुर्वेदिक सामग्री के इस्तेमाल का दावा किया गया है।

फिर भी किसी भी प्रकार की सामग्री को जलाकर उसका धुआं सांस के जरिए अंदर लेना पूरी तरह अलग प्रक्रिया है और इसे सामान्य भाप लेने के बराबर नहीं माना जा सकता। जलने के दौरान पैदा होने वाले धुएं में ऐसे कण या पदार्थ हो सकते हैं जो संवेदनशील लोगों के लिए परेशानी पैदा करें।

इसलिए वायरल वीडियो देखकर सामान्य हुक्के या किसी अन्य उपकरण में इन सामग्रियों को डालकर प्रयोग करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

वायरल वीडियो के बाद क्यों हो रही चर्चा?

सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य और घरेलू उपचार से जुड़े वीडियो अक्सर तेजी से वायरल होते हैं। इस वीडियो में भी एक तरफ बाबा रामदेव दिखाई दे रहे हैं और दूसरी तरफ एक महिला को इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। वीडियो का यही दृश्य लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि बाबा रामदेव ने इस तरीके के जरिए बंद नाक और खांसी जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने की बात कही। यही वजह है कि लोग इसे अपने परिचितों के साथ शेयर कर रहे हैं और इसके बारे में जानकारी खोज रहे हैं।

लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होने में अंतर है। किसी स्वास्थ्य उपाय को अपनाने से पहले उसके फायदे, संभावित नुकसान और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

क्या इसे घर पर आजमाना चाहिए?

विशेषज्ञ की सलाह के बिना किसी वायरल वीडियो को देखकर उपचार शुरू करना सही तरीका नहीं है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं या सांस से जुड़ी संवेदनशीलता वाले लोगों को धुएं से जुड़े किसी भी प्रयोग से बचना चाहिए।

बंद नाक या सामान्य खांसी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सामान्य सर्दी से लेकर एलर्जी और संक्रमण तक कई स्थितियों में समान लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए लंबे समय तक समस्या बनी रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

अगर खांसी लंबे समय तक रहे, सांस लेने में परेशानी हो, तेज बुखार आए, सीने में दर्द हो या लक्षण तेजी से बढ़ें, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

वायरल दावे को समझना जरूरी

बाबा रामदेव का यह वीडियो निश्चित रूप से सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा पैदा कर रहा है। वायरल पोस्ट में आयुर्वेदिक हुक्के के जरिए बंद नाक और खांसी में राहत का दावा किया गया है और इसमें मुलैठी, हल्दी, राई, घी, काकड़ा सिंगी और कपूर जैसी सामग्री का उल्लेख है।

हालांकि, वायरल वीडियो में किया गया दावा और चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित उपचार एक ही बात नहीं हैं। इसलिए पाठकों को इस तरीके को आजमाने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। किसी भी सामग्री को जलाकर उसका धुआं सीधे सांस में लेने का प्रयोग बिना उचित जानकारी के नहीं करना चाहिए।

नोट: यह खबर उपलब्ध वायरल सोशल मीडिया पोस्ट/वीडियो में किए गए दावों पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह या किसी बीमारी के उपचार की गारंटी न माना जाए।

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