नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नकली नोटों के जरिए लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। द्वारका जिले की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को 500 रुपये के नोट बदलने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। ठगी का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी नोटों के बंडल में ऊपर कुछ असली नोट रखते थे, जबकि नीचे नकली और जाली नोट छिपाकर लोगों को सौंप देते थे।
पुलिस की कार्रवाई के बाद गिरोह के काम करने के तरीके और ठगी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिन्हें बड़ी संख्या में 500 रुपये के नोटों की जरूरत होती थी। उन्हें बताया जाता था कि उनके पास बड़ी मात्रा में नोट हैं और वे इन्हें आसानी से बदल सकते हैं।
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य पहले संभावित ग्राहक से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वे उसे भरोसा दिलाते थे कि उनके पास 500 रुपये के नोटों का बड़ा बंडल है, जिसे वह कम कीमत या विशेष सुविधा के साथ प्राप्त कर सकता है। लोगों को आकर्षित करने के लिए आरोपी अतिरिक्त इंसेंटिव देने का झांसा भी देते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह की सबसे बड़ी चाल नोटों की पैकिंग में छिपी थी। बंडल के ऊपर कुछ असली नोट इस तरह रखे जाते थे कि ग्राहक को नोटों की वास्तविकता पर शक न हो। इसके नीचे नकली या जाली नोटों की गड्डियां छिपाई जाती थीं। ग्राहक को ऊपर से दिखाई देने वाले असली नोटों के आधार पर पूरा बंडल सही होने का भरोसा हो जाता था। लेनदेन पूरा होने के बाद जब वह बंडल खोलता या नोटों का इस्तेमाल करने की कोशिश करता, तब उसे ठगी का पता चलता था।
लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपी केवल नोट बदलने की बात तक सीमित नहीं रहते थे। वे कथित तौर पर अतिरिक्त इंसेंटिव या फायदे का लालच भी देते थे। इससे सामने वाले को सौदा अधिक लाभ वाला नजर आता था और वह बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल किए लेनदेन के लिए तैयार हो जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया और गिरोह में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली नोट कहां से हासिल किए जाते थे और इन्हें बाजार में खपाने के लिए किन लोगों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर सकती हैं, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दिल्ली के अलावा किसी दूसरे इलाके में भी इस गिरोह ने इसी तरीके से वारदात की थी या नहीं।
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से संदिग्ध तरीके से मिलने वाले नोटों या असामान्य रूप से फायदे वाले ऑफर से सावधान रहने की अपील की है। बड़ी संख्या में नकदी से जुड़ा कोई भी लेनदेन करने से पहले नोटों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। द्वारका पुलिस की इस कार्रवाई से नकली नोटों के जरिए ठगी करने वाले गिरोह पर बड़ी चोट पहुंची है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस की आगे की कार्रवाई से गिरोह के नेटवर्क तथा इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।