नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग की ओर से 13 सितंबर को देश के 25 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का जोखिम बढ़ने की आशंका जताई गई है।
मौसम में इस बदलाव का असर उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक दिखाई दे सकता है। कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, गरज-चमक के दौरान तेज हवाएं चलने से स्थानीय स्तर पर यातायात और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
25 से ज्यादा राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम संबंधी अपडेट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
उत्तर प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि स्थानीय स्तर पर तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव और यातायात की रफ्तार प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राजधानी में सितंबर के दौरान मानसूनी गतिविधियां पहले भी अचानक तेज होती रही हैं, इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक सिस्टम सक्रिय
मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक फैले चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव वाले सिस्टम को प्रमुख वजह बताया गया है। इस सिस्टम के कारण वातावरण में नमी का प्रवाह बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
ऐसी मौसमी परिस्थितियों में एक ही राज्य के अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग-अलग हो सकता है। जहां कुछ स्थानों पर केवल हल्की बारिश होगी, वहीं दूसरे क्षेत्रों में कम समय में तेज बारिश होने की संभावना रहती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के सक्रिय चरण में स्थानीय मौसम प्रणालियां तेजी से विकसित हो सकती हैं। इसलिए किसी एक समय के पूर्वानुमान को पूरे दिन के मौसम पर लागू करना सही नहीं होगा। यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए जिला स्तर की चेतावनी अधिक महत्वपूर्ण रहेगी।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
बारिश का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी इलाकों में देखने को मिल सकता है। लगातार या तेज बारिश होने पर पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी खिसकने, पत्थर गिरने और अचानक जलधारा बढ़ने का खतरा रहता है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी, नाले और पहाड़ी रास्तों के आसपास अनावश्यक रुकने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन की ओर से किसी सड़क या मार्ग को बंद करने की सूचना जारी होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में दृश्यता भी कम हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकने की सलाह दी जाती है।
13 से 14 सितंबर के बीच आंधी-तूफान की संभावना
पूर्वानुमान में 13 और 14 सितंबर के आसपास कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना का उल्लेख किया गया है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना जोखिम भरा हो सकता है। यदि तेज बारिश के साथ आंधी शुरू हो जाए तो लोगों को सुरक्षित और पक्की इमारत के अंदर रहने की कोशिश करनी चाहिए।
किसानों के लिए भी मौसम का यह बदलाव महत्वपूर्ण है। खेतों में काम करने वाले लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खुले खेत में काम कर रहे लोगों के लिए मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान की ओर जाना बेहतर होगा।
15 से 17 सितंबर तक भी जारी रह सकता है असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में 15 से 17 सितंबर के बीच बारिश का असर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह स्थिर होने के संकेत नहीं हैं।
मानसून सिस्टम की स्थिति में बदलाव के साथ बारिश का क्षेत्र और तीव्रता भी बदल सकती है। इसलिए लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अपुष्ट मौसम संदेशों के बजाय आधिकारिक मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर भरोसा करना चाहिए।
दिल्ली-एनसीआर समेत इन इलाकों में रखें नजर
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम पर विशेष नजर रखनी चाहिए। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव होने की स्थिति में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
कार या दोपहिया वाहन से सफर करने वालों को अचानक तेज बारिश की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकने को प्राथमिकता देनी चाहिए। कम दृश्यता के दौरान तेज गति से वाहन चलाना दुर्घटना का कारण बन सकता है।
रेल और सड़क मार्ग से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी मौसम अपडेट देखना उपयोगी रहेगा। तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में यातायात की गति प्रभावित हो सकती है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम खराब होने पर बिजली के खंभों, खुले तारों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें। घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी की जानकारी जरूर लें। बच्चों और बुजुर्गों को तेज बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर जाने से रोकना बेहतर है।
कुल मिलाकर, 13 सितंबर से देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। 25 से अधिक राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि, मौसम की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय और आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।