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चावल की मांड पीने से क्या सच में चमकेगा चेहरा? जानें सच

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों चावल की मांड यानी चावल पकाने के बाद बचने वाले स्टार्चयुक्त पानी को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में कहा गया है कि रोजाना एक गिलास चावल की मांड में थोड़ा नमक और काली मिर्च मिलाकर पीने से चेहरा खिल सकता है, […]

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  • August 20, 2026 9:30 pm IST, Published 25 minutes ago

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों चावल की मांड यानी चावल पकाने के बाद बचने वाले स्टार्चयुक्त पानी को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में कहा गया है कि रोजाना एक गिलास चावल की मांड में थोड़ा नमक और काली मिर्च मिलाकर पीने से चेहरा खिल सकता है, हड्डियां मजबूत हो सकती हैं और बाल लंबे व मजबूत हो सकते हैं। पोस्ट में यहां तक दावा किया गया है कि इससे अच्छी क्रीम और दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ेगी।

लेकिन क्या वाकई चावल की मांड इतनी असरदार है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य पोषण संबंधी सलाह और उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी को देखें तो तस्वीर सोशल मीडिया के दावे से कहीं ज्यादा अलग और संतुलित है। चावल की मांड भोजन का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा या त्वचा, बाल और हड्डियों के लिए चमत्कारी उपाय मानना सही नहीं है।

क्या होती है चावल की मांड?

चावल पकाते समय पानी में चावल का कुछ स्टार्च और अन्य पानी में घुलनशील घटक आ जाते हैं। पकने के बाद बचा यह सफेद या हल्का मटमैला पानी कई भारतीय घरों में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। कुछ जगहों पर इसे मांड, पसाई या चावल का पानी भी कहा जाता है।

इसमें मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट से जुड़े घटक हो सकते हैं। हालांकि इसकी वास्तविक पोषण मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि कितने चावल में कितना पानी इस्तेमाल हुआ, चावल कितनी देर पकाए गए और मांड को किस तरह तैयार किया गया।

इसलिए हर गिलास मांड को समान पोषण वाला मानना सही नहीं होगा।

क्या मांड पीने से चेहरा चमकने लगेगा?

वायरल पोस्ट का सबसे आकर्षक दावा त्वचा से जुड़ा है। इसमें कहा गया है कि मांड पीने से चेहरा खिल जाएगा। हालांकि केवल चावल की मांड को त्वचा की चमक बढ़ाने का प्रमाणित उपाय मानने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक आधार नहीं है।

त्वचा का स्वास्थ्य कई चीजों पर निर्भर करता है। पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन और खनिजों वाला संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद, धूप से बचाव और व्यक्तिगत त्वचा देखभाल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी स्वस्थ आहार के लिए विविध और संतुलित भोजन को महत्वपूर्ण मानता है।

इसलिए मांड को चेहरे की चमक का ‘सीक्रेट ड्रिंक’ बताना भ्रामक हो सकता है।

क्या इससे हड्डियां मजबूत हो सकती हैं?

हड्डियों की मजबूती के लिए शरीर को पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। केवल चावल की मांड को हड्डियों की मजबूती का प्रमुख स्रोत मानना उचित नहीं है।

अगर किसी व्यक्ति के भोजन में जरूरी पोषक तत्वों की कमी है तो केवल मांड पीने से उस कमी की भरपाई नहीं हो सकती। संतुलित आहार में दूध-दही या इनके विकल्प, दालें, सब्जियां, फल, मेवे और पर्याप्त प्रोटीन जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना अधिक महत्वपूर्ण है।

बाल लंबे और मजबूत होने का दावा कितना सही?

बालों की वृद्धि और मजबूती में प्रोटीन, आयरन, जिंक, कुछ विटामिन और समग्र पोषण की भूमिका होती है। इसलिए केवल मांड को बाल लंबे और मजबूत करने वाला उपाय बताना वैज्ञानिक रूप से मजबूत दावा नहीं माना जा सकता।

अगर किसी व्यक्ति को लगातार बाल झड़ने, बालों के पतले होने या अचानक बालों की गुणवत्ता में बदलाव की समस्या है तो इसके पीछे पोषण की कमी के अलावा कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

नमक और काली मिर्च मिलाना कितना सही?

वायरल पोस्ट में एक गिलास मांड में थोड़ा नमक और काली मिर्च डालकर पीने की सलाह दी गई है। काली मिर्च स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन नमक की मात्रा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वयस्कों को रोजाना कुल नमक का सेवन 5 ग्राम से कम रखना चाहिए, क्योंकि अधिक सोडियम का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है।

यह मात्रा पूरे दिन के कुल नमक सेवन के लिए है, सिर्फ मांड के एक गिलास के लिए नहीं। इसलिए मांड में बार-बार अतिरिक्त नमक डालना स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा विचार नहीं है।

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?

जिन लोगों को डॉक्टर ने कम सोडियम वाला भोजन लेने की सलाह दी है, उन्हें मांड में नमक मिलाने से पहले अपने चिकित्सक या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए। इसी तरह मधुमेह, किडनी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों को किसी वायरल हेल्थ टिप को नियमित दिनचर्या बनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

बच्चों के लिए भी सोशल मीडिया पर बताए गए घरेलू नुस्खों को बिना सोचे-समझे लागू नहीं करना चाहिए। बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतें उम्र और विकास के अनुसार अलग होती हैं।

मांड को पूरी तरह बेकार भी न समझें

इसका अर्थ यह नहीं है कि चावल की मांड का कोई उपयोग ही नहीं है। यह पारंपरिक भोजन का हिस्सा हो सकती है और कुछ लोगों को यह हल्का तथा आसानी से सेवन योग्य लग सकती है। लेकिन किसी एक खाद्य पदार्थ को ‘हर बीमारी का इलाज’ या क्रीम और दवाइयों का विकल्प बताना उचित नहीं है।

स्वस्थ रहने का आधार किसी एक वायरल नुस्खे के बजाय संतुलित और विविध आहार है। WHO भी स्वस्थ आहार में विभिन्न खाद्य समूहों को शामिल करने और पोषण में पर्याप्तता, संतुलन, संयम तथा विविधता पर जोर देता है।

वायरल दावे को ऐसे समझें

सोशल मीडिया पर किसी घरेलू नुस्खे के साथ यदि ‘दवा की जरूरत नहीं पड़ेगी’, ‘कुछ दिनों में चेहरा चमक जाएगा’ या ‘हड्डियां और बाल मजबूत हो जाएंगे’ जैसे निश्चित दावे किए जाएं तो उसे सावधानी से देखना चाहिए।

किसी खाद्य पदार्थ में पोषक तत्व होना और उसके सेवन से किसी बीमारी का इलाज होना—दो अलग बातें हैं। इसी तरह पारंपरिक रूप से किसी चीज का इस्तेमाल किया जाना उसके हर स्वास्थ्य दावे को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं करता।

निष्कर्ष: चावल की मांड को सामान्य भोजन के हिस्से के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन इसे चेहरे की चमक, मजबूत हड्डियों या लंबे बालों की गारंटी देने वाला चमत्कारी पेय मानना सही नहीं है। खासकर इसमें नमक मिलाते समय पूरे दिन के कुल नमक सेवन का ध्यान रखना जरूरी है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या के लिए सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय प्रमाणित चिकित्सा सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। यह किसी बीमारी के निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या, दवा या डाइट संबंधी स्थिति में योग्य चिकित्सक/डाइटिशियन से सलाह लें।

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