सूरत: दक्षिण गुजरात के यात्रियों के लिए रेलवे से जुड़ी एक बड़ी सौगात सामने आई है। सूरत और राजस्थान के उदयपुर के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है। यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने के साथ पर्यटन, कारोबार और रोजगार से जुड़े आवागमन को भी बढ़ावा दे सकती है। प्रस्तावित सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी और सूरत से उदयपुर की दूरी करीब साढ़े सात घंटे में तय करने का लक्ष्य है।
नई ट्रेन की शुरुआत नवरात्रि से पहले किए जाने की तैयारी है। त्योहारी सीजन को देखते हुए इस सेवा के शुरू होने से यात्रियों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है। गुजरात और राजस्थान के बीच बड़ी संख्या में लोग कारोबार, पर्यटन, नौकरी और पारिवारिक कारणों से यात्रा करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रेन सेवा दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत कर सकती है।
सूरत देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल है। कपड़ा, हीरा और अन्य व्यापारिक गतिविधियों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से कारोबारी और श्रमिक यहां आते-जाते हैं। दूसरी ओर उदयपुर राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। झीलों, ऐतिहासिक इमारतों, महलों और आसपास के पर्यटन स्थलों के कारण यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। सूरत से सीधे और अपेक्षाकृत कम समय में उदयपुर पहुंचने की सुविधा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होने की संभावना है।
वंदे भारत एक्सप्रेस देश में तेज गति वाली आधुनिक रेल सेवाओं के विस्तार की योजना का अहम हिस्सा है। इन ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक कोच, बेहतर सीटिंग व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। नई सेवा से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक तेज विकल्प मिलेगा।
सूरत और उदयपुर के बीच प्रस्तावित ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यात्रा समय में कमी होगी। करीब 7 घंटे 30 मिनट में सफर पूरा होने से यात्रियों को सड़क या अन्य रेल विकल्पों की तुलना में समय बचाने का अवसर मिलेगा। सप्ताह में छह दिन ट्रेन चलने से यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में भी पर्याप्त लचीलापन मिलेगा।त्योहारी मौसम में राजस्थान जाने वाले यात्रियों की संख्या आमतौर पर बढ़ जाती है।
नवरात्रि, दशहरा और आगे आने वाले त्योहारी आयोजनों के दौरान गुजरात से राजस्थान तथा राजस्थान से गुजरात की आवाजाही बढ़ सकती है। ऐसे समय में नई ट्रेन सेवा यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है। इस सेवा से केवल व्यक्तिगत यात्रियों को ही लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है। पर्यटन कारोबार, होटल, स्थानीय परिवहन, खानपान और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी यात्रियों की आवाजाही बढ़ने का सकारात्मक असर पड़ सकता है।
उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए सूरत और दक्षिण गुजरात के अन्य इलाकों तक पहुंच आसान होगी, जबकि गुजरात के लोगों के लिए राजस्थान के पर्यटन स्थलों की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। व्यापारिक दृष्टि से भी यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूरत का मजबूत औद्योगिक आधार और उदयपुर तथा दक्षिण राजस्थान का कारोबारी नेटवर्क तेज रेल सेवा से जुड़ने पर दोनों क्षेत्रों के बीच व्यावसायिक संपर्क बढ़ सकता है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और सेवा क्षेत्र को भी फायदा मिलने की संभावना है।
रेलवे की ओर से नई वंदे भारत सेवा को लेकर आगे परिचालन से जुड़े विस्तृत कार्यक्रम, स्टॉपेज और अन्य जानकारी स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल सूरत से उदयपुर के बीच इस तेज रेल कनेक्टिविटी को दक्षिण गुजरात के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यदि सेवा तय योजना के अनुसार नवरात्रि से पहले शुरू होती है, तो त्योहारी सीजन में इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिल सकता है।