मुख्यमंत्री ने धान खरीद के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि प्रदेश की 248 मंडियों में किसानों से धान की खरीद की जा रही है। 5 नवंबर तक मंडियों में कुल 48 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका था। इसमें से लगभग 43 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए मंडियों में जरूरी इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। नायब सिंह सैनी के मुताबिक, सरकार किसानों को उनकी फसल का भुगतान सीधे बैंक खातों में करने की व्यवस्था पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 2,88,102 किसानों के खातों में 9,888 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था से किसानों को आर्थिक लाभ मिलने में पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका कम होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र हरियाणा की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रदेश के लाखों परिवार खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर हैं। ऐसे में किसानों की फसल की खरीद, समय पर भुगतान और मंडियों में सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धान खरीद का काम निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा और किसानों को भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया में सुविधा देने का प्रयास जारी रहेगा। धान खरीद के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद और पात्र लोगों को नियमित आर्थिक सहायता दे रही है। इन योजनाओं के तहत लाखों लाभार्थियों के बैंक खातों में मासिक सहायता राशि डिजिटल तरीके से भेजी गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि सीधे संबंधित व्यक्ति तक पहुंचे और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, डिजिटल भुगतान व्यवस्था से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आसानी हुई है। इससे लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होती है और आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में उपलब्ध हो जाती है। सरकार विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज को विकास और जनकल्याण के आधार पर परखने की बात कही। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए किसानों की धान खरीद और सीधे भुगतान के आंकड़ों को सामने रखा। हरियाणा सरकार का दावा है कि कृषि खरीद व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक योजनाओं के माध्यम से भी लोगों को आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। आने वाले समय में सरकार का जोर किसानों को सुविधाएं देने, भुगतान प्रक्रिया को बेहतर बनाने और पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर रहेगा।