नई दिल्ली: सिल्क की साड़ी सिर्फ एक परिधान नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, शिल्प और खूबसूरती का खास हिस्सा है। बनारसी, कांजीवरम, चंदेरी, तसर, मूंगा और अन्य रेशमी साड़ियां अपनी चमक, मुलायम बनावट और शानदार डिजाइन के कारण बेहद पसंद की जाती हैं। कई बार इनकी कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक होती है। ऐसे में इनकी देखभाल में की गई छोटी-सी लापरवाही भी साड़ी की खूबसूरती और उम्र पर असर डाल सकती है।
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से चर्चा में है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सिल्क की साड़ियों को सामान्य डिटर्जेंट से धोने के बजाय शैंपू से धोना चाहिए। पोस्ट में रेशम के प्रोटीन फाइबर और बालों की संरचना के बीच समानता बताते हुए कठोर डिटर्जेंट से सिल्क को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। यह दावा लोगों का ध्यान इसलिए भी खींच रहा है क्योंकि घरों में अक्सर महंगी साड़ियों को सामान्य कपड़ों की तरह ही धो दिया जाता है।
हालांकि, इस मामले में सिर्फ वायरल सलाह पर निर्भर रहने के बजाय यह समझना जरूरी है कि हर सिल्क साड़ी को एक ही तरीके से नहीं धोया जा सकता। साड़ी के फैब्रिक, रंग, जरी, कढ़ाई, फिनिश और निर्माता के निर्देश के अनुसार उसकी देखभाल का तरीका बदल सकता है।
आखिर सिल्क की साड़ी को क्यों चाहिए खास देखभाल?
रेशम प्राकृतिक प्रोटीन आधारित फाइबर से बना होता है और इसकी संरचना सामान्य सूती या सिंथेटिक कपड़ों से अलग होती है। इसकी खास चमक और मुलायम बनावट ही इसे दूसरे कपड़ों से अलग बनाती है।
इसी वजह से रेशमी कपड़े पर तेज रसायन, अत्यधिक गर्म पानी, जोरदार रगड़ या गलत तरीके से सुखाने जैसी प्रक्रिया नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ मामलों में रंग फीका पड़ सकता है, कपड़े की फिनिश बदल सकती है या साड़ी की प्राकृतिक चमक कम हो सकती है।
खासकर गहरे रंगों और जरी वाली साड़ियों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। इसलिए सिल्क की साड़ी को सामान्य कपड़ों के साथ मशीन में डालकर धोना हर स्थिति में उचित तरीका नहीं माना जा सकता।
क्या सच में सिल्क की साड़ी को शैंपू से धोना चाहिए?
यही वह सवाल है जिसने सोशल मीडिया पोस्ट को चर्चा में ला दिया है। पोस्ट में शैंपू से सिल्क धोने की सलाह दी गई है, लेकिन इसे हर साड़ी के लिए अनिवार्य नियम नहीं माना जाना चाहिए।
शैंपू बालों की सफाई के लिए बनाया जाता है, जबकि कपड़ों की सफाई के लिए अलग-अलग प्रकार के फैब्रिक-फ्रेंडली क्लीनर उपलब्ध होते हैं। इसलिए किसी भी शैंपू को सीधे महंगी सिल्क साड़ी पर इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।
अगर साड़ी के केयर लेबल पर हाथ से धोने की अनुमति दी गई है, तो माइल्ड और सिल्क-फ्रेंडली डिटर्जेंट का इस्तेमाल निर्माता के निर्देश के अनुसार किया जा सकता है। वहीं अगर साड़ी पर केवल ड्राई क्लीनिंग की सलाह दी गई है, तो घर पर प्रयोग करने से बचना ज्यादा सुरक्षित है।
डिटर्जेंट इस्तेमाल करते समय सबसे बड़ी गलती न करें
सिल्क की साड़ी पर सामान्य कपड़ों वाला तेज डिटर्जेंट इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल को जरूर देखें। ब्लीच या कठोर रसायन वाले उत्पादों का प्रयोग विशेष रूप से सावधानी से करना चाहिए।
साड़ी धोने के लिए बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। अगर केयर लेबल हाथ से धुलाई की अनुमति देता है, तो सामान्य या ठंडे पानी में हल्के हाथ से सफाई करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
साड़ी को रगड़ना, मरोड़ना या ब्रश से साफ करना भी उसकी सतह को नुकसान पहुंचा सकता है। दाग वाले हिस्से पर भी जोर लगाने के बजाय हल्के हाथों से सफाई करनी चाहिए।
घर पर सिल्क की साड़ी धोने से पहले ये काम करें
सबसे पहले साड़ी के साथ लगा care label पढ़ें। उसमें धुलाई, तापमान, ड्राई क्लीनिंग और प्रेस से संबंधित निर्देश दिए हो सकते हैं।
इसके बाद यदि घर पर धोने की अनुमति है तो सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पाद को साड़ी के किसी छिपे हुए छोटे हिस्से पर जांचना बेहतर रहेगा। इससे रंग निकलने या कपड़े पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति में पूरी साड़ी खराब होने से बच सकती है।
साड़ी को पानी में लंबे समय तक भिगोकर रखने से भी बचना चाहिए। खासकर ऐसी साड़ियों में जिनमें जरी, रंगीन धागे या भारी कढ़ाई लगी हो, अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
साड़ी सुखाते समय भी न करें ये गलती
धुलाई के बाद सिल्क की साड़ी को जोर से निचोड़ना बिल्कुल उचित नहीं है। इससे कपड़े के रेशों और उसकी फिनिश पर दबाव पड़ सकता है।
साड़ी को सुखाने के लिए तेज सीधी धूप में लंबे समय तक रखने से भी बचना चाहिए। कुछ रंगों पर तेज धूप का असर पड़ सकता है। बेहतर है कि साड़ी को हवादार और छायादार स्थान पर सुखाया जाए।
साड़ी को पूरी तरह सूखने के बाद ही अलमारी में रखें। नमी के साथ बंद करके रखने पर कपड़े में दुर्गंध या अन्य समस्या पैदा हो सकती है।
प्रेस और स्टोरेज में भी रखें खास ध्यान
सिल्क की साड़ी को प्रेस करते समय बहुत अधिक तापमान से बचना चाहिए। यदि केयर लेबल अनुमति देता है, तो कम तापमान वाली सेटिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। साड़ी की सतह और प्रेस के बीच पतला सूती कपड़ा रखना भी उपयोगी हो सकता है।
लंबे समय तक साड़ी को सुरक्षित रखने के लिए उसे साफ, सूखी और हवादार जगह में रखें। भारी जरी या कढ़ाई वाली साड़ियों को बहुत ज्यादा दबाकर रखने से भी बचना चाहिए।
वायरल पोस्ट की बात में कितना दम?
सोशल मीडिया पोस्ट का मुख्य संदेश यह है कि सिल्क की साड़ी को सामान्य कपड़ों की तरह कठोर तरीके से नहीं धोना चाहिए। यह सावधानी व्यावहारिक है। लेकिन यह कहना कि हर सिल्क साड़ी को केवल शैंपू से ही धोना चाहिए, सही सार्वभौमिक नियम नहीं माना जा सकता।
सिल्क की अलग-अलग किस्मों और साड़ियों की फिनिश अलग हो सकती है। इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है कि पहले निर्माता के निर्देश पढ़ें और उसी के अनुसार सफाई का तरीका चुनें।
याद रखें: महंगी सिल्क साड़ी की चमक बचाने के लिए महंगे उत्पाद से ज्यादा जरूरी है सही तरीका। तेज डिटर्जेंट, गर्म पानी, जोरदार रगड़ और सीधी धूप से बचाव आपकी साड़ी को लंबे समय तक खूबसूरत बनाए रखने में मदद कर सकता है।