रत्नागिरीः महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में रघुवीर घाट पर भूस्खलन के बाद सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और भारी मात्रा में मिट्टी का मलबा सड़क पर आ जाने से यातायात ठप हो गया है। इस मार्ग के बंद होने का सीधा असर सतारा जिले के करीब 15 से 20 गांवों पर पड़ा है। इन गांवों का रत्नागिरी से सड़क संपर्क फिलहाल टूट गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि रघुवीर घाट का इलाका पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र में आता है। बारिश के दौरान यहां मिट्टी खिसकने और चट्टानों के टूटकर सड़क पर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसी क्रम में घाट पर अचानक भूस्खलन हुआ और मलबा सड़क पर आ गया। मलबे में बड़े आकार के पत्थर भी शामिल हैं, जिसके कारण रास्ते से वाहनों का निकलना संभव नहीं है।
सड़क बंद होने के बाद दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रघुवीर घाट से होकर रत्नागिरी की ओर जाने वाले ग्रामीणों के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क बाधित होने से गांवों के लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे सफर का समय और दूरी दोनों बढ़ने की आशंका है।
भूस्खलन के कारण सबसे बड़ी चिंता उन ग्रामीणों को लेकर है, जिन्हें रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल, स्कूल या अन्य जरूरी सेवाओं के लिए घाट मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क लंबे समय तक बंद रहने पर दूध, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बाधित होने का असर स्थानीय कारोबार और परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ता है।
घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से सड़क को जल्द से जल्द साफ करने की तैयारी की जा रही है। मलबा हटाने के लिए मशीनरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश या दोबारा पत्थर गिरने की आशंका के बीच राहत और सड़क सफाई का काम चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रास्ते पर आवाजाही शुरू करने से पहले सड़क की स्थिति का जायजा लेना जरूरी होगा।
स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबा हटाकर संपर्क बहाल करना और किसी तरह की दुर्घटना को रोकना है। जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, वाहन चालकों और यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की जा सकती है। विशेष रूप से भारी बारिश के दौरान घाट क्षेत्र में अनावश्यक यात्रा से बचना सुरक्षित माना जाता है।
रत्नागिरी और सतारा के बीच संपर्क के लिहाज से रघुवीर घाट महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क बंद होने से प्रभावित गांवों के लोगों को जल्द रास्ता खुलने का इंतजार है। प्रशासन की मशीनरी के पहुंचने और मलबा हटाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मार्ग को यातायात के लिए कब तक सुरक्षित किया जा सकता है।
बारिश के मौसम में महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रहती हैं। रघुवीर घाट की ताजा घटना ने एक बार फिर संवेदनशील घाट मार्गों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल लोगों की नजर सड़क से मलबा हटाने और रत्नागिरी से प्रभावित गांवों का संपर्क जल्द बहाल होने पर टिकी है।