भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित ग्राम रोजगार सहायकों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रोजगार सहायकों के हित में कई बड़े ऐलान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्राम रोजगार सहायकों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके सम्मान व सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
सीएम ने कहा कि रोजगार सहायकों का पारिश्रमिक पहले 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए किया गया था। अब पंचायत सचिव के रिक्त पदों, आयु सीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जल्द ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष तय की गई है। इसके साथ ही महिला रोजगार सहायकों को प्रसूति अवकाश, मातृत्व अवकाश और ऐच्छिक अवकाश मिलेगा। वहीं पुरुष रोजगार सहायकों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश भी दिया जाएगा।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि यदि किसी ग्राम रोजगार सहायक पर आपराधिक मामला दर्ज होता है और बाद में वह निर्दोष साबित हो जाता है, तो उसे दोबारा नौकरी में वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति ने अपराध नहीं किया तो उसे नौकरी से बाहर रखने का कोई कारण नहीं है।
भोपाल सम्मेलन में आते समय दो रोजगार सहायकों हुरजी मेड़ा और लखन कमोदिया की सड़क हादसे में मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने दोनों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। गंभीर घायलों को 1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी अब 28 मई तक जारी रहेगी। जिन किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है लेकिन अब तक गेहूं नहीं बेच पाए हैं, उनका गेहूं भी खरीदा जाएगा। सरकार ने इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है।