मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों को प्राथमिकता देती है। सरकार उनके आर्थिक हितों की रक्षा और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महंगाई भत्ते में की गई यह बढ़ोतरी भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि जनवरी महीने से लागू मानी जाएगी। हालांकि, जनवरी से सितंबर तक की अवधि का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एरियर के रूप में दिया जाएगा। सरकार ने इसके भुगतान के लिए तीन समान मासिक किस्तों की व्यवस्था की है। इससे कर्मचारियों को एक साथ पूरी बकाया राशि देने के बजाय चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जाएगा। वहीं, अक्टूबर महीने के वेतन से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान शुरू होगा। यह वेतन नवंबर महीने में कर्मचारियों के खातों में आएगा। यानी कर्मचारियों को नवंबर में मिलने वाले वेतन में बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ दिखाई देगा। इसके अलावा पिछले नौ महीनों का बकाया एरियर तीन बराबर किस्तों में दिया जाएगा।
राज्य सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि करने जा रही है। यह जनवरी से देय होगी।
जनवरी से सितंबर, नौ माह के एरियर्स का भुगतान तीन समान मासिक किश्तों में किया जाएगा। अक्टूबर माह के वेतन (नवंबर में देय) से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नगद भुगतान होगा।
पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत में जुलाई 2026 से 2% वृद्धि की जाएगी। सरकार पेंशनर्स और कर्मचारियों के हितों में सदैव साथ खड़ी है।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 30, 2026
सरकार के इस फैसले से उन कर्मचारियों को विशेष राहत मिलेगी, जो लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू खर्चों के दबाव का सामना कर रहे हैं। खाद्य पदार्थों, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है। ऐसे में महंगाई भत्ते में वृद्धि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को कुछ हद तक बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के पेंशनर्स के लिए भी सरकार ने राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पेंशनर्स की महंगाई राहत में जुलाई 2026 से 2 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इस फैसले से सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को भी बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत बढ़ाने का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी नियमित आय मुख्य रूप से पेंशन पर निर्भर रहती है।
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करना है। कर्मचारियों को मिलने वाला डीए उनके मूल वेतन के आधार पर निर्धारित होता है, जबकि पेंशनर्स को डीआर के माध्यम से राहत दी जाती है। समय-समय पर इन दरों में संशोधन किया जाता है, ताकि महंगाई के अनुपात में कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति को संतुलित रखा जा सके। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संदेश में भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की सुविधाओं और कल्याण से जुड़े फैसलों पर आगे भी सकारात्मक तरीके से विचार किया जाता रहेगा।
दीपावली से पहले हुई इस घोषणा को प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। खास बात यह है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद लाभ नवंबर में मिलने वाले वेतन से शुरू होगा, जबकि जनवरी से सितंबर तक का बकाया तीन किस्तों में दिया जाएगा। वहीं पेंशनर्स को जुलाई 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों में खुशी का माहौल बनने की उम्मीद है।