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ट्वीशा शर्मा मौत मामले में CBI का बड़ा बयान, भोपाल से बाहर हो सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई के अलावा आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को भी नोटिस जारी किया है। अब अदालत में दाखिल हलफनामे के बाद मामले की सुनवाई और महत्वपूर्ण हो गई है। जानकारी के मुताबिक, शीर्ष अदालत करीब एक सप्ताह बाद इस मामले पर फिर सुनवाई करेगी।

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  • October 30, 2026 5:50 pm IST, Published 44 minutes ago

नई दिल्ली: ट्वीशा शर्मा की मौत के मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा रुख अपनाया है। सीबीआई ने ट्वीशा के पिता नवनीधि शर्मा की उस याचिका का समर्थन किया है, जिसमें मामले की सुनवाई भोपाल से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई है। एजेंसी ने शीर्ष अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में मध्य प्रदेश के भोपाल में निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई सुनिश्चित करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए मामले का ट्रायल राज्य से बाहर किसी सक्षम अदालत में कराया जाना उचित होगा।
सीबीआई ने अपने हलफनामे में मामले की प्रमुख आरोपी गिरिबाला सिंह को लेकर गंभीर आशंकाएं जाहिर की हैं। गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज होने के साथ-साथ मृतका ट्वीशा शर्मा की सास भी हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि उनके प्रभावशाली पद और पृष्ठभूमि को देखते हुए आशंका है कि वह मुकदमे की कार्यवाही को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा मामले से जुड़े गवाहों पर दबाव बनाने या उन्हें डराने-धमकाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई ऐसी परिस्थितियां सामने आईं, जिनसे मामले की निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता पैदा हुई है। एजेंसी के मुताबिक, घटना के बाद कथित तौर पर अपराध स्थल की स्थिति में बदलाव करने और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। हलफनामे में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच के दौरान सबूतों को प्रभावित करने के प्रयास हुए। जांच एजेंसी ने राज्य पुलिस की शुरुआती जांच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। सीबीआई के अनुसार, जांच के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं सामने आईं, जो राज्य पुलिस की कार्रवाई में अनुचित हस्तक्षेप की आशंका पैदा करती हैं। एजेंसी का मानना है कि यदि मामले की सुनवाई उसी क्षेत्र में होती है, जहां प्रभावशाली लोगों का दबदबा हो सकता है, तो गवाहों और न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा।

सीबीआई ने अपने हलफनामे में अदालत से आग्रह किया है कि मामले को मध्य प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार किया जाए। एजेंसी का कहना है कि इस कदम से मुकदमे की निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलेगी और गवाह भी बिना किसी दबाव के अदालत के सामने अपनी बात रख सकेंगे। हालांकि, हलफनामे में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी कर चुका है। इसी महीने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। यह आदेश ट्वीशा के पिता नवनीधि शर्मा की ओर से दाखिल स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। अदालत ने सीबीआई और मामले के आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था।

नवनीधि शर्मा ने अपनी याचिका में मांग की है कि मामले की सुनवाई भोपाल की अदालत से दिल्ली की किसी सक्षम अदालत में स्थानांतरित की जाए। उनका तर्क है कि ऐसा करने से निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। याचिका में मामले की संवेदनशीलता और आरोपियों के प्रभाव को भी स्थानांतरण की मांग का आधार बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई के अलावा आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को भी नोटिस जारी किया है। अब अदालत में दाखिल हलफनामे के बाद मामले की सुनवाई और महत्वपूर्ण हो गई है। जानकारी के मुताबिक, शीर्ष अदालत करीब एक सप्ताह बाद इस मामले पर फिर सुनवाई करेगी। ट्वीशा शर्मा की मौत का मामला लगातार न्यायिक और जांच एजेंसियों के स्तर पर चर्चा में बना हुआ है। सीबीआई की ओर से सुनवाई को राज्य से बाहर कराने का समर्थन किए जाने के बाद अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं। अदालत यह तय करेगी कि मामले का ट्रायल कहां और किन परिस्थितियों में आगे बढ़ेगा। फिलहाल, सीबीआई के हलफनामे में लगाए गए आरोप न्यायिक विचाराधीन हैं और आरोपियों का पक्ष भी सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण रहेगा।


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