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ट्विशा शर्मा केस दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग,भोपाल कोर्ट की कार्यवाही अगले आदेश तक स्थगित

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी करके अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय निर्धारित किया है। इस प्रक्रिया के जरिए याचिका में उठाए गए सवालों पर सभी संबंधित पक्षों की दलीलें सामने आएंगी। इसके बाद शीर्ष अदालत मामले के स्थानांतरण की मांग पर आगे निर्णय ले...

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  • October 16, 2026 2:10 pm IST, Published 56 minutes ago

नई दिल्ली: ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में मामले को मध्य प्रदेश के भोपाल से दिल्ली की सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और मामले के आरोपियों समर्थ सिंह तथा गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट अब इस बात पर विचार करेगा कि मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित की जानी चाहिए या नहीं। अदालत के ताजा आदेश के बाद फिलहाल भोपाल की संबंधित ट्रायल कोर्ट में इस मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी। रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। प्रतिवादियों के जवाब मिलने के बाद शीर्ष अदालत याचिका में उठाए गए मुद्दों पर आगे सुनवाई करेगी।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने अपनी याचिका में मुकदमे को दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। उनका पक्ष है कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से सुनिश्चित की जानी चाहिए। याचिका में भोपाल में चल रही न्यायिक कार्यवाही को लेकर चिंता जताते हुए दिल्ली की सक्षम अदालत में सुनवाई कराने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष फिलहाल यह तय होना बाकी है कि स्थानांतरण के लिए दिए गए आधार पर्याप्त हैं या नहीं।

इस मामले में गिरिबाला सिंह का नाम भी याचिका के संदर्भ में सामने आया है। वह पूर्व जिला जज हैं और ट्विशा शर्मा की सास बताई गई हैं। याचिका में उनके प्रभाव को लेकर आशंका जताई गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामले की सुनवाई ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां निष्पक्षता को लेकर कोई आशंका न रहे। हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों और आशंकाओं पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। संबंधित पक्षों का जवाब आने के बाद ही अदालत इस पहलू पर आगे विचार करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी करके अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय निर्धारित किया है। इस प्रक्रिया के जरिए याचिका में उठाए गए सवालों पर सभी संबंधित पक्षों की दलीलें सामने आएंगी। इसके बाद शीर्ष अदालत मामले के स्थानांतरण की मांग पर आगे निर्णय ले सकती है।

किसी आपराधिक मामले में सुनवाई का स्थान बदलने की मांग पर विचार करते समय अदालत को संबंधित परिस्थितियों और निष्पक्ष न्याय की जरूरत को ध्यान में रखना होता है। इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य प्रश्न यही है कि क्या मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। फिलहाल अदालत ने स्थानांतरण की मांग पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, बल्कि अगली सुनवाई तक निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए जवाब मांगे हैं।

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े इस मामले में अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी। प्रतिवादियों के जवाब दाखिल होने के बाद अदालत यह तय करेगी कि मामले की सुनवाई दिल्ली में कराई जाए या भोपाल में ही जारी रखी जाए। तब तक ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक जारी रहेगी।

 

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