• होम
  • देश
  • APAAR और ABC: छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा पहचान और क्रेडिट सिस्टम

APAAR और ABC: छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा पहचान और क्रेडिट सिस्टम

नई दिल्ली: भारत की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, लचीला और डिजिटल बनाने की दिशा में Academic Bank of Credits (ABC) और APAAR ID महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहे हैं। इन दोनों व्यवस्थाओं का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी और आसानी से उपयोग योग्य बनाना है, ताकि पढ़ाई के दौरान अर्जित […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 5, 2026 3:39 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: भारत की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, लचीला और डिजिटल बनाने की दिशा में Academic Bank of Credits (ABC) और APAAR ID महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहे हैं। इन दोनों व्यवस्थाओं का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी और आसानी से उपयोग योग्य बनाना है, ताकि पढ़ाई के दौरान अर्जित उपलब्धियों को लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके।

Academic Bank of Credits (ABC) शिक्षा मंत्रालय की एक डिजिटल प्रणाली है, जिसका संचालन और नियमन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा किया जाता है। यह प्लेटफ़ॉर्म छात्रों द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से अर्जित किए गए अकादमिक क्रेडिट को डिजिटल रूप से संग्रहित करने, प्रबंधित करने, ट्रांसफर करने और भविष्य में उपयोग करने की सुविधा प्रदान करता है।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यदि कोई छात्र किसी संस्थान से दूसरे संस्थान में प्रवेश लेता है या पढ़ाई के दौरान ब्रेक लेकर बाद में अपनी शिक्षा जारी करना चाहता है, तो उसके पहले से अर्जित अकादमिक क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं। इससे छात्रों को बार-बार एक ही पाठ्यक्रम दोहराने की आवश्यकता कम हो सकती है और शिक्षा प्रणाली अधिक लचीली बनती है।

ABC प्रणाली से जुड़ी APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) ID प्रत्येक छात्र के लिए जारी की जाने वाली एक विशिष्ट 12 अंकों की पहचान संख्या है। इसे “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” पहल के तहत विकसित किया गया है। यह आईडी छात्र के पूरे शैक्षणिक जीवन के दौरान एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है।

APAAR ID के माध्यम से छात्र के स्कूल, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों से जुड़े रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध हो सकते हैं। यह सुविधा डिजिलॉकर से भी जुड़ी है, जिससे छात्र अपने प्रमाणपत्र, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज़ों को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन एक्सेस और साझा कर सकते हैं।

ABC और APAAR जैसी डिजिटल पहलें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे न केवल छात्रों की शैक्षणिक यात्रा अधिक सरल और पारदर्शी होगी, बल्कि विभिन्न संस्थानों के बीच क्रेडिट ट्रांसफर और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

Advertisement