पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पुलिसकर्मियों ने AK-47 तान दी, जो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के साथ अनुचित व्यवहार है। तेजस्वी यादव ने इस मामले में दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सीवान में छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच हथियार दिखाना डर का माहौल पैदा करने वाला कदम है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राजद नेता ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाए और यदि कोई अधिकारी नियमों के विरुद्ध काम करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और सरकार से जवाब मांगा है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर आधिकारिक पक्ष और जांच की स्थिति का इंतजार किया जा रहा है।
छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार में पहले भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान संयम बरतना प्रशासन की जिम्मेदारी है। दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर केंद्रित रहता है।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का भय या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाए जाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
फिलहाल सीवान की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की जानकारी सामने आने का इंतजार है।