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दिल्ली में मनोज जारांगे पाटिल की एंट्री, जंतर-मंतर प्रदर्शन को मिला समर्थन

नई दिल्ली: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरा और सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उनके पहुंचने से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और आंदोलन को नया राजनीतिक व सामाजिक संदेश मिला। जारांगे पाटिल ने […]

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  • July 22, 2026 12:42 pm IST, Published 13 minutes ago

नई दिल्ली: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरा और सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उनके पहुंचने से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और आंदोलन को नया राजनीतिक व सामाजिक संदेश मिला।

जारांगे पाटिल ने प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को ध्यान से सुना। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकारों को जनभावनाओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवैधानिक दायरे में रहकर उठाई गई मांगों पर सकारात्मक संवाद होना जरूरी है।

मराठा आरक्षण आंदोलन के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके मनोज जारांगे पाटिल ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं। उन्होंने विभिन्न समुदायों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और सहमति का रास्ता अपनाने की आवश्यकता बताई।

जंतर-मंतर लंबे समय से देशभर के विभिन्न संगठनों और सामाजिक समूहों के विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में जारांगे पाटिल की मौजूदगी को आंदोलन के लिए प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और पुलिस ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी।

हालांकि, प्रदर्शन में उठाई गई मांगों और जारांगे पाटिल की मौजूदगी पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो सकती है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच बातचीत की संभावना पर भी नजर रहेगी।

 

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