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IIT दिल्ली समारोह में 3000 स्नातकों और 587 शोधार्थियों को संबोधित करेंगे मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री संस्थान से स्नातक करने वाले हजारों विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है। IIT दिल्ली […]

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  • August 7, 2026 3:40 pm IST, Published 44 minutes ago

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री संस्थान से स्नातक करने वाले हजारों विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।

IIT दिल्ली के इस दीक्षांत समारोह में 3000 से अधिक स्नातकों और 587 पीएचडी शोधार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्रदान करेंगे। इनमें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक शामिल हैं।

ये पुरस्कार उन छात्रों को दिए जाते हैं, जिन्होंने शिक्षा, शोध और संस्थान की विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को नई जिम्मेदारियों और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश भी दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री अपने संबोधन में युवाओं, तकनीक और नवाचार की भूमिका पर जोर दे सकते हैं। देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल परिवर्तन के दौर में इंजीनियरिंग और शोध से जुड़े संस्थानों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। IIT जैसे संस्थान न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि देश की तकनीकी क्षमता को भी मजबूत कर रहे हैं।

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित की जा रही एआई-सक्षम उच्च प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन होगा। यह आधुनिक तकनीक पर आधारित सुविधा शोध और विकास कार्यों को नई गति देने में मदद करेगी।

सुपरकंप्यूटिंग तकनीक का उपयोग जटिल वैज्ञानिक गणनाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा विश्लेषण, मौसम अध्ययन, स्वास्थ्य अनुसंधान और अन्य उन्नत क्षेत्रों में किया जाता है। ‘परम प्रज्ञा’ जैसी सुविधाओं से शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों तक पहुंच मिलेगी।

IIT दिल्ली देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल है और यहां से निकलने वाले छात्र दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। संस्थान में होने वाले शोध कार्यों का प्रभाव तकनीकी विकास, स्टार्टअप संस्कृति और औद्योगिक नवाचार पर भी दिखाई देता है।

दीक्षांत समारोह केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा पूरी होने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह उन्हें समाज और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करने का मंच भी होता है।

प्रधानमंत्री मोदी लगातार युवाओं को नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। ऐसे में IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और उन्नत कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं के बीच भारत के तकनीकी संस्थानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। IIT दिल्ली की नई सुपरकंप्यूटिंग सुविधा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए एक ओर जहां प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा, वहीं दूसरी ओर देश में अत्याधुनिक तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक नई पहल सामने आएगी।

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