• होम
  • देश
  • जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी में हमले की साजिश!

जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी में हमले की साजिश!

जैश संदिग्ध हमीम मंडल से पूछताछ में बड़े खुलासे कोलकाता। पश्चिम बंगाल एसटीएफ की जांच में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हमला करने […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 2, 2026 8:47 am IST, Published 49 seconds ago

जैश संदिग्ध हमीम मंडल से पूछताछ में बड़े खुलासे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल एसटीएफ की जांच में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हमला करने की कथित साजिश रची गई थी। हालांकि, हमीम उस प्रदर्शन में मौजूद था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।

एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि संदिग्धों ने किन-किन स्थानों की रेकी की और उनकी गतिविधियां किस स्तर तक पहुंची थीं।

महिला सहयोगी अर्पिता सरकार गिरफ्तार

इस मामले में एसटीएफ ने झारखंड के साहिबगंज से हमीम की कथित सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल की सक्रिय सदस्य थी। अर्पिता झारखंड के एक कॉलेज में अंग्रेजी ऑनर्स की छात्रा बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, अर्पिता करीब चार साल पहले सोशल मीडिया के जरिए हमीम के संपर्क में आई थी। आरोप है कि वह उसके निर्देश पर लोगों की जानकारी जुटाने, मोबाइल नंबर इकट्ठा करने, संदिग्ध रेकी करने और इंटरनेट के माध्यम से नए लोगों को जोड़ने जैसी गतिविधियों में सहयोग करती थी। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है और जांच जारी है।

आमने-सामने पूछताछ की तैयारी

अर्पिता को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अब एसटीएफ हमीम और अर्पिता को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि नेटवर्क और विदेशी संपर्कों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

विदेशी नेटवर्क और फंडिंग की जांच

जांच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों के पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से संपर्क थे। यह भी जांच की जा रही है कि सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए वे किन विदेशी हैंडलरों से जुड़े थे और बंगाल तथा झारखंड के रास्ते संदिग्ध फंडिंग कैसे पहुंचाई जाती थी।

एन्क्रिप्टेड ऐप और व्हाट्सएप चैट से मिले सुराग

एसटीएफ के मुताबिक, हमीम और अर्पिता सामान्य फोन कॉल की बजाय एन्क्रिप्टेड मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए संपर्क में रहते थे। दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट से नेटवर्क और कथित गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच एजेंसी अब उनके डिजिटल नेटवर्क, डार्क वेब से संभावित संबंध और अन्य संपर्कों की भी गहन जांच कर रही है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।

Advertisement