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ओंकारेश्वर से राष्ट्रपति का संदेश, सिकल सेल मुक्त भारत की ओर तेज़ी से बढ़ रहे कदम

ओंकारेश्वर: अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भाग लिया और सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत देशभर में बड़े पैमाने पर की गई […]

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  • June 19, 2026 2:50 pm IST, Published 2 hours ago

ओंकारेश्वर: अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भाग लिया और सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत देशभर में बड़े पैमाने पर की गई स्क्रीनिंग स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मिशन के अंतर्गत नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लगभग 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह दुनिया में आनुवंशिक रोगों की जांच से जुड़ी सबसे बड़ी पहलों में से एक मानी जा रही है।

उन्होंने बताया कि व्यापक जांच अभियान के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2.5 लाख सिकल सेल रोगियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि 20 लाख से अधिक ऐसे लोगों का भी पता चला है जो इस बीमारी के वाहक हैं। उन्होंने कहा कि रोगियों और वाहकों दोनों की समय पर पहचान तथा उचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश में चलाए गए अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग और जनजागरूकता कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज, सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से देश सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले हासिल करने में सक्षम होगा। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि जागरूकता, समय पर जांच और बेहतर उपचार व्यवस्था के माध्यम से आने वाले वर्षों में इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

 

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