• होम
  • देश
  • पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर लोकसभा में प्रियंका गांधी आक्रामक

पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर लोकसभा में प्रियंका गांधी आक्रामक

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने देश के […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 28, 2026 5:35 pm IST, Published 11 minutes ago

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और शिक्षा व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है।

सदन में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और अन्य सख्त कदम उठाने का आदेश किसने दिया था।

उन्होंने कहा कि देश के युवा अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं और उनकी आवाज को सुना जाना चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का सवाल नहीं है, बल्कि देश के माता-पिता और छात्रों की चिंता से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस मामले में जवाब देने की मांग की। कांग्रेस सांसद ने कहा कि संसद देश की जनता की अमानत है और यहां बैठे सभी सांसद जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को सुने और उनके प्रति जवाबदेह रहे।

छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया

प्रियंका गांधी ने हाल में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और अपनी परेशानियां सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि इन छात्रों में गांवों, छोटे शहरों और महानगरों से आने वाले युवा शामिल हैं। कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों की मेहनत और आर्थिक संसाधन लगाते हैं। उन्होंने कहा कि जब मेहनत करने वाले छात्रों को लगता है कि व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है, तो केवल एक छात्र नहीं बल्कि पूरे परिवार की उम्मीद टूटती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की मांग केवल व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि युवा चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया जाए, पेपर लीक करने वाले लोगों पर कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।

‘एजुकेशन सिस्टम को खोखला बना दिया’

प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण छात्रों का भरोसा कम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में बड़ी संख्या में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन दोषियों और माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लंबे समय तक मेहनत करते हैं। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं और अपनी बचत खर्च करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। कांग्रेस सांसद ने बेरोजगारी को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी और परीक्षा प्रणाली की समस्याओं ने युवाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

सरकार की नीतियों पर लगाए आरोप

प्रियंका गांधी ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा बजट और परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर समीक्षा की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव के नाम पर ऐसे फैसले लिए गए, जिनसे व्यवस्था और जटिल हुई।

उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए और कहा कि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा तभी वापस आएगा जब परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष और सुरक्षित होगी। उन्होंने सरकार पर राजनीतिक प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया। प्रियंका गांधी ने कहा कि केवल छवि सुधारने से युवाओं की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना होगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

पेपर लीक और युवाओं के भविष्य पर बहस तेज

प्रियंका गांधी के बयान के बाद संसद में युवाओं, रोजगार और परीक्षा सुधार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार पेपर लीक मामलों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है।

वहीं, सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया जाता रहा है। एंटी पेपर लीक बिल का उद्देश्य परीक्षा में धोखाधड़ी और अनियमितताओं पर नियंत्रण करना है।

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र लंबे समय से सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग करते रहे हैं। ऐसे में संसद में उठा यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।

 

 

Advertisement