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राजनाथ सिंह ने तटरक्षक बल में लागू किए दो बड़े नीतिगत सुधार

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) को अधिक आधुनिक, समावेशी और कर्मी-केंद्रित बनाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार लागू किए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन सुधारों की घोषणा करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य बल के अधिकारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित […]

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  • July 28, 2026 3:02 pm IST, Published 26 minutes ago

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) को अधिक आधुनिक, समावेशी और कर्मी-केंद्रित बनाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार लागू किए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन सुधारों की घोषणा करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य बल के अधिकारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना और ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले कर्मियों के परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल ने पिछले कई दशकों में समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियान, तस्करी रोकने और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई नीतियां बल के मनोबल को मजबूत करेंगी और उसकी परिचालन क्षमता को नई दिशा देंगी।

नई नीति के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती और सेवा व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाया गया है। अब महिला और पुरुष उम्मीदवारों को समान आधार पर भर्ती और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

इस व्यवस्था के अनुसार, महिला उम्मीदवार अब अल्पकालिक सेवा नियुक्ति (Short Service Appointment) और स्थायी नियुक्ति (Permanent Appointment) दोनों के लिए पात्र होंगी। वहीं, अल्पकालिक सेवा का विकल्प पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी उपलब्ध रहेगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में संतुलन और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रशिक्षण के शुरुआती चरण से ही सभी अधिकारियों को समान अवसर मिलें। पहले से स्थायी नियुक्ति पर कार्यरत महिला अधिकारियों को भी निर्धारित पात्रता पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, अल्पकालिक सेवा में कार्यरत महिला अधिकारी भी निर्धारित नियमों के तहत अपनी सेवा को स्थायी नियुक्ति में परिवर्तित करा सकेंगी।

दूसरा बड़ा सुधार उन परिवारों से जुड़ा है जिनके सदस्य ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाते हैं। अब ऐसी परिस्थितियों में संबंधित कर्मी को अनुग्रह राशि के भुगतान के उद्देश्य से ‘मृत मानने’ की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि परिजनों को आर्थिक सहायता और अन्य सेवा लाभ प्राप्त करने के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले कई मामलों में कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण परिवारों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अनुग्रह राशि और अन्य अंतिम लाभ अपेक्षाकृत कम समय में उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे संकट की घड़ी में परिवारों को तत्काल राहत मिल सकेगी।

भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, समुद्री कानूनों के पालन, तस्करी रोकने, प्रदूषण नियंत्रण और खोज एवं बचाव अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कर्मियों के हितों से जुड़े सुधार सीधे तौर पर बल की कार्यक्षमता को भी प्रभावित करते हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय तटरक्षक बल को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप पूरी तरह सक्षम और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। वर्ष 2027 में बल अपनी स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है और उससे पहले किए गए ये सुधार संगठन के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर माने जा रहे हैं।

इन दोनों नीतिगत बदलावों को सुरक्षा बलों में समान अवसर, पारदर्शी सेवा व्यवस्था और कर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदनशील प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल महिला अधिकारियों को नए अवसर मिलेंगे, बल्कि ड्यूटी के दौरान जान जोखिम में डालने वाले कर्मियों के परिवारों को भी समय पर सहायता और सम्मान मिल सकेगा।

 

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