• होम
  • देश
  • विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई

विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई

मौजूदा हालात में सुरक्षा एजेंसियों का फोकस मुख्य चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ उनके आवास और निर्वाचन सदन की सुरक्षा पर है। दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों और केंद्रीय इलाकों में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय भी बढ़ाया गया है...

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 8, 2026 11:34 am IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली:  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब उनके खिलाफ विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों के विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी हैं। हाल के दिनों में दिल्ली और आगरा में उनके आवास के आसपास प्रदर्शन होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति और संभावित खतरे का दोबारा आकलन किया है। इसके बाद पहले से जारी Z+ सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में अतिरिक्त सुरक्षा बल शामिल किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार की व्यक्तिगत सुरक्षा के अलावा उनके दिल्ली स्थित आवास और निर्वाचन सदन की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। निर्वाचन सदन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। आवास के आसपास भी निगरानी बढ़ाने के साथ लगातार पुलिस तैनाती की व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा बढ़ाने का एक प्रमुख कारण हाल में सामने आए विरोध-प्रदर्शन बताए जा रहे हैं। सितंबर के अंत में आगरा स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी के साथ घर के गेट पर आपत्तिजनक शब्द लिखे जाने का मामला भी सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में उनकी रिहाई के दौरान भी प्रदर्शन और पुलिस के बीच तनाव की खबरें सामने आईं।

दिल्ली में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध का सिलसिला तेज हुआ है। विपक्षी दलों के सांसदों ने हाल के दिनों में केंद्रीय दिल्ली में मार्च निकालने और प्रदर्शन करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों की मांगों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। कई मौकों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और कुछ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

2 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू किए थे। इसके बाद प्रदर्शन की कोशिशों को लेकर पुलिस ने मामले दर्ज किए।

7 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इस दौरान कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

इसी बीच विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियां भी जारी हैं। INDIA गठबंधन के नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी विपक्षी सांसदों के साथ बैठक और लंच का आयोजन किया है। विपक्ष की ओर से कहा गया है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से उठाए गए आरोपों पर अपनी प्रक्रिया और पक्ष रखा है।

मौजूदा हालात में सुरक्षा एजेंसियों का फोकस मुख्य चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ उनके आवास और निर्वाचन सदन की सुरक्षा पर है। दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों और केंद्रीय इलाकों में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय भी बढ़ाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव खतरे के आकलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा में बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

Advertisement