चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति की सबसे बड़ी खबर सामने आई, जहां विजय सरकार ने विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर अपनी ताकत का दमदार प्रदर्शन किया। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार को 144 वोट मिले, जबकि बहुमत के लिए सिर्फ 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। विरोध में केवल 22 वोट पड़े, जबकि 5 विधायक सदन से गैरहाजिर रहे। इस जीत ने न सिर्फ विजय सरकार को स्थिरता दी है, बल्कि राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की भी शुरुआत कर दी है।
विश्वासमत के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा अन्नाद्रमुक के भीतर हुई टूट और वर्टिकल डिवीजन की रही। पार्टी के 24 विधायकों ने विजय सरकार के पक्ष में मतदान कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अन्नाद्रमुक भाजपा की सहयोगी पार्टी मानी जाती है। ऐसे में उसके विधायकों का खुलकर विजय के समर्थन में आना तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।
हालांकि, मुख्य विपक्षी दल DMK ने पहले से ही सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था, लेकिन फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी ने सदन से वाकआउट कर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि DMK को सरकार के पक्ष में मजबूत संख्या का अंदाजा था, इसलिए उसने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।
विश्वासमत जीतने के बाद विजय ने इसे “जनता के भरोसे और विकास की राजनीति की जीत” बताया। वहीं उनके समर्थकों ने चेन्नई सहित कई शहरों में जश्न मनाया। इस जीत के बाद विजय सरकार अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में नए गठबंधन और नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।