जयपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ने पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद भी मंगलवार शाम तक जोधपुर जेल में आत्मसमर्पण नहीं किया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार उसे निर्धारित समय तक जेल लौटना था। समय सीमा बीतने के बाद जेल प्रशासन ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
जेल प्रशासन के अनुसार, आसाराम को उपचार कराने के लिए छह अक्टूबर को 20 दिन की पैरोल दी गई थी। पैरोल की अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई थी और उसे शाम पांच बजे तक जोधपुर जेल में वापस पहुंचकर आत्मसमर्पण करना था। हालांकि, निर्धारित समय तक उसके जेल नहीं लौटने के कारण प्रशासन अब नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जोधपुर जेल के अधीक्षक प्रमोद सिंह ने बताया कि तय समय सीमा के भीतर आसाराम के आत्मसमर्पण नहीं करने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जेल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद कैदी का समय पर जेल लौटना अनिवार्य होता है। निर्धारित समय पर वापस नहीं आने की स्थिति में संबंधित प्रशासन कानून के तहत कदम उठा सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार, आसाराम इस समय मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित धनवंतरी आयुर्वेद अस्पताल में उपचार करा रहा है। उसे चिकित्सा कारणों के आधार पर पैरोल दी गई थी। पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस जेल में आत्मसमर्पण करना था।
आसाराम ने अपनी पैरोल अवधि बढ़ाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील भी की थी। हालांकि, अदालत ने उसकी अवधि बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद निर्धारित समय तक जेल लौटना उसके लिए आवश्यक था।
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जेल नहीं लौटने के मामले में जेल प्रशासन प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। आगे की कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।
गौरतलब है कि आसाराम नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस मामले में पैरोल की शर्तों और अदालत के निर्देशों का पालन करना उसके लिए अनिवार्य है। अब जेल प्रशासन की कार्रवाई पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।