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कोलंबो टेस्ट में विवाद के बाद दोनों खिलाड़ियों को मिली सजा

कोलंबो:  भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले के दौरान हुई मैदान पर तनातनी के मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के खिलाफ कार्रवाई की है। दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके […]

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  • August 24, 2026 6:00 pm IST, Published 41 minutes ago

कोलंबो:  भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले के दौरान हुई मैदान पर तनातनी के मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के खिलाफ कार्रवाई की है। दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है।

यह मामला टेस्ट मैच के पहले दिन का है। भारतीय पारी के दौरान यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद उनकी और असिथा फर्नांडो के बीच कहासुनी हुई। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और दोनों खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क भी हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए मैच अधिकारियों ने घटना की रिपोर्ट ICC को सौंपी।

ICC ने जांच के बाद दोनों खिलाड़ियों को आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी माना। कार्रवाई खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 के तहत की गई। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान किसी खिलाड़ी, अधिकारी या अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से जुड़ा है।

जायसवाल और फर्नांडो ने आरोप को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा सुनाई गई सजा को मान लिया। दोनों के पिछले 24 महीनों के रिकॉर्ड में इस तरह का कोई उल्लंघन दर्ज नहीं था। इसी वजह से मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर जायसवाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और संभावित प्रतिबंध को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि, ICC के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय बल्लेबाज पर किसी तरह का आजीवन प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्हें केवल मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट अंक दिया गया है। यही कार्रवाई फर्नांडो के खिलाफ भी की गई है।

ICC की आचार संहिता में लेवल-1 के उल्लंघनों के लिए आर्थिक दंड और डिमेरिट अंक जैसी सजा का प्रावधान है। खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में डिमेरिट अंक जुड़ते हैं और भविष्य में लगातार उल्लंघन होने पर इससे बड़ी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। फिलहाल जायसवाल और फर्नांडो दोनों पर लगाया गया दंड इसी घटना तक सीमित है।

मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने इस मुकाबले में मजबूत शुरुआत की। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने पांच विकेट गंवाकर 300 रन बना लिए थे। जायसवाल ने आउट होने से पहले उपयोगी 45 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने इसके बाद भी पारी को आगे बढ़ाया और टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती रही।

दूसरे दिन बारिश के कारण खेल प्रभावित हुआ। खेल रुकने के समय भारतीय टीम का स्कोर आठ विकेट पर 475 रन तक पहुंच गया था। इससे मुकाबले में भारत की स्थिति मजबूत नजर आई। टीम की कोशिश पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर श्रीलंका पर दबाव बनाने की होगी।

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट मुकाबले में क्रिकेट के साथ-साथ अनुशासन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ICC की कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा के दौरान खिलाड़ियों को आचार संहिता का पालन करना होगा। खेल में आक्रामकता और प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन अनुचित शारीरिक संपर्क नियमों के दायरे में आता है और उस पर कार्रवाई की जा सकती है।

 

 

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