17.93 लाख मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में, नाम कटने की आशंका नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बेंगलुरु में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने की आशंका सामने आई है। घर-घर सर्वे के दौरान शहर के लगभग आधे मतदाता एएसडीडीओ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत एवं अन्य) […]
August 7, 2026 9:38 am IST, Published 30 minutes ago
17.93 लाख मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में, नाम कटने की आशंका
नई दिल्ली/बेंगलुरु। कर्नाटक में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बेंगलुरु में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने की आशंका सामने आई है। घर-घर सर्वे के दौरान शहर के लगभग आधे मतदाता एएसडीडीओ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत एवं अन्य) श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु शहरी जिले में कुल 40.21 लाख मतदाता हैं। इनमें से 55.39 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण हो चुका है, जबकि 44.61 प्रतिशत यानी 17.93 लाख मतदाता एएसडीडीओ या असंगठित श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।
बीबीएमपी के तीनों जोनों में बड़ी संख्या में चिह्नित मतदाता
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के दक्षिण, मध्य और उत्तर—तीनों जोनों में बड़ी संख्या में मतदाता इस श्रेणी में पाए गए हैं।
बीबीएमपी दक्षिण में सबसे अधिक 51.18 प्रतिशत (10.97 लाख) मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में हैं।
बीबीएमपी मध्य में 47.85 प्रतिशत (9.04 लाख) मतदाता चिह्नित किए गए।
बीबीएमपी उत्तर में 46.95 प्रतिशत (10.95 लाख) मतदाता इस श्रेणी में शामिल हैं।
शहरी बेंगलुरु में कुल मिलाकर 48.9 लाख से अधिक मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जो राज्य के औसत 19.93 प्रतिशत से काफी अधिक है।
क्या नाम अपने आप कट जाएंगे?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एएसडीडीओ श्रेणी में आने का अर्थ यह नहीं है कि मतदाता का नाम स्वतः मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत या अन्य श्रेणी में रखा गया है, उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने रिकॉर्ड में सुधार कराने और नाम बहाल कराने का पूरा अवसर मिलेगा।
बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 8 अगस्त तक घर-घर सत्यापन और डिजिटलीकरण के दौरान किसी भी गलत प्रविष्टि को सुधार सकेंगे।
पूरे कर्नाटक की स्थिति
कर्नाटक में कुल 5.54 करोड़ मतदाता हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, लगभग सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। राज्यभर में 1.10 करोड़ (19.93 प्रतिशत) मतदाता फिलहाल एएसडीडीओ श्रेणी में हैं।
इनमें सबसे अधिक 66.43 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित, 16.32 लाख मृत, 16.12 लाख अनुपस्थित या लापता, 6.93 लाख डुप्लिकेट नामांकन और 4.67 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
सुधार के लिए विशेष व्यवस्था
मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और त्रुटियों के सुधार के लिए चुनाव आयोग ने बेंगलुरु क्षेत्र में फॉर्म-6 की 10 लाख प्रतियां उपलब्ध कराई हैं।
आयोग के अनुसार, 16 जून से 5 अगस्त के बीच राज्यभर में फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 के तहत नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए 12.32 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। चुनाव आयोग ने नागरिकों से समय रहते अपने मतदाता विवरण की जांच कर आवश्यक सुधार कराने की अपील की है।