मुख्यमंत्री विजय के तलाक मामले में नया मोड़, पत्नी ने याचिका वापस ली

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरनालिंगम से जुड़े तलाक मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगीता ने फैमिली कोर्ट में दायर अपनी तलाक याचिका वापस लेने का फैसला किया है। इस कदम के बाद उनके वैवाहिक संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं ने एक नया […]

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  • August 7, 2026 5:45 pm IST, Published 51 minutes ago

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरनालिंगम से जुड़े तलाक मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगीता ने फैमिली कोर्ट में दायर अपनी तलाक याचिका वापस लेने का फैसला किया है। इस कदम के बाद उनके वैवाहिक संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं ने एक नया मोड़ ले लिया है।

बताया जा रहा है कि संगीता ने पहले अदालत में विवाह समाप्त करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने पति-पत्नी के बीच मतभेद, मानसिक उत्पीड़न और अन्य व्यक्तिगत आरोपों का उल्लेख किया था। उन्होंने गुजारा-भत्ता तथा परिवार के नीलांकरई स्थित आवास में रहने के अधिकार की भी मांग की थी।

यह मामला पहले चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान विजय और संगीता व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। केवल उनके वकील अदालत में मौजूद रहे, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई आगे के लिए स्थगित कर दी थी। अब संगीता द्वारा याचिका वापस लेने के फैसले ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। हालांकि, अभी तक अदालत की ओर से विस्तृत आदेश सार्वजनिक नहीं हुआ है और न ही विजय या संगीता की तरफ से इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री बनने से पहले विजय दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के प्रमुख सितारों में शामिल रहे हैं। राजनीति में सक्रिय होने के बाद भी उनके निजी जीवन से जुड़ी खबरें अक्सर चर्चा का विषय बनती रही हैं। यदि कोई पक्ष अदालत की अनुमति से तलाक याचिका वापस लेता है, तो इसका अर्थ केवल इतना होता है कि वह उस समय उस याचिका पर आगे नहीं बढ़ना चाहता। इसके पीछे कई व्यक्तिगत या कानूनी कारण हो सकते हैं। जब तक संबंधित पक्ष स्वयं कोई जानकारी साझा न करें, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जाता।

याचिका वापस लेने के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे दोनों के बीच मतभेद कम होने की संभावना से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा निर्णय हो सकता है। वैवाहिक मामलों में अदालत की कार्यवाही और व्यक्तिगत निर्णय पूरी तरह निजी विषय होते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान या न्यायालय के रिकॉर्ड के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि संगीता द्वारा तलाक याचिका वापस लेने के निर्णय के बाद मामला पहले की तुलना में अलग स्थिति में पहुंच गया है। अब यदि भविष्य में दोनों पक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है या अदालत की ओर से कोई नया आदेश जारी होता है, तो उसी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

इस घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री विजय के निजी जीवन को लेकर चल रही चर्चाओं को एक नया मोड़ जरूर दिया है, लेकिन फिलहाल किसी भी तरह के राजनीतिक या व्यक्तिगत निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना उचित होगा।

 

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