तेलंगाना में 54 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन जब्त

चार गिरफ्तार; नागपुर ले जाई जा रही थी खेप हैदराबाद। तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 27 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 54 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में चार […]

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  • August 10, 2026 8:34 am IST, Published 2 hours ago

चार गिरफ्तार; नागपुर ले जाई जा रही थी खेप

हैदराबाद। तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 27 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 54 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, मेफेड्रोन की यह खेप महाराष्ट्र के नागपुर ले जाई जा रही थी। बिबीनगर थाना पुलिस की टीम ने 8 अगस्त को कोंडामडुगु गांव के बाहरी इलाके में विशेष अभियान चलाकर एक कार को रोका। तलाशी के दौरान कार से 27 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ।

40 किलोग्राम एसीटोन भी बरामद

यदाद्री भुवनगिरी के पुलिस अधीक्षक अक्षांश यादव ने बताया कि तलाशी के दौरान दो प्लास्टिक के डिब्बों में करीब 40 किलोग्राम एसीटोन भी मिला। यह रासायनिक पदार्थ नशीले पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो महाराष्ट्र, एक असम और एक हैदराबाद का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि मेफेड्रोन का अवैध निर्माण 5 से 7 अगस्त के बीच कोंडामडुगु में किया गया था। इसमें कुछ अन्य लोगों की भी मदद ली गई थी।

अवैध नशीली दवा बनाने की प्रयोगशाला पर छापा

आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कोंडामडुगु में चल रही कथित अवैध नशीली दवा निर्माण प्रयोगशाला पर छापा मारा। वहां से नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए।

पुलिस ने प्रयोगशाला से रिएक्टर और अपकेंद्रित्र मशीन सहित अन्य सामान जब्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल नशीले पदार्थ के निर्माण में किया जा रहा था।

मुख्य आरोपी और प्रयोगशाला का मालिक फरार

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में फरार प्रयोगशाला मालिक और मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध नशीले पदार्थ के निर्माण और तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका नेटवर्क किन अन्य शहरों तक फैला हुआ है।

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