यूपी में 238 चार्जिंग स्टेशन को मिली मंजूरी

दूसरे चरण में प्रदेश में करीब 1500 चार्जिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए शहरों के साथ-साथ अधिक सार्वजनिक और व्यस्त स्थानों को चार्जिंग नेटवर्क से

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 4, 2026 1:40 pm IST, Published 3 minutes ago

लखनऊः उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश में 238 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने को मंजूरी मिली है। इन स्टेशनों के तैयार होने के बाद शहरों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

प्रस्तावित परियोजना के तहत प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है। लखनऊ में सबसे अधिक 36 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना है। वहीं नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुल 39 स्टेशन प्रस्तावित हैं। मेरठ में 35, गोरखपुर में 32 और वाराणसी में 28 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे।

आगरा में 21 और मथुरा में 14 स्थानों पर स्टेशन प्रस्तावित हैं। प्रयागराज में 13 तथा कानपुर में 12 स्थानों को भी योजना में शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को प्रमुख शहरों और सार्वजनिक क्षेत्रों में सुविधाजनक चार्जिंग नेटवर्क उपलब्ध कराना है।

जानकारी के अनुसार, 238 प्रस्तावित स्थानों में से 99 स्थानों पर समझौता ज्ञापन यानी एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं 139 स्थानों पर एमओयू की प्रक्रिया अभी लंबित है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चार्जिंग स्टेशन सार्वजनिक उपयोग वाले विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जाने की योजना है। इनमें सार्वजनिक स्थल, बस स्टेशन, मॉल और अन्य प्रमुख स्थान शामिल हो सकते हैं। इससे निजी इलेक्ट्रिक कारों के अलावा अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोगकर्ताओं को भी चार्जिंग सुविधा मिलने की उम्मीद है।

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करना बड़ी जरूरत बनता जा रहा है। चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों का भरोसा बढ़ सकता है और चार्जिंग सुविधा को लेकर उनकी चिंता कम हो सकती है।

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत प्रस्तावित यह विस्तार उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले चरण में 238 स्थानों को चिन्हित किए जाने के बाद अब सरकार की नजर अगले चरण के विस्तार पर है।

दूसरे चरण में प्रदेश में करीब 1500 चार्जिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए शहरों के साथ-साथ अधिक सार्वजनिक और व्यस्त स्थानों को चार्जिंग नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। यदि प्रस्तावित परियोजनाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं का नेटवर्क काफी व्यापक हो सकता है।

इस विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने के साथ ही प्रदेश में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

Advertisement