अयोध्या में 180 करोड़ रुपये से बनेगा थीम पार्क

माता सीता की आर्ट गैलरी भी होगी विकसित अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 180 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत शहर में थीम पार्क बनाया जाएगा और माता सीता की कला दीर्घा विकसित की जाएगी। इसके साथ ही भरतकुंड को धार्मिक एवं […]

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  • October 19, 2026 9:43 am IST, Published 59 minutes ago

माता सीता की आर्ट गैलरी भी होगी विकसित

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 180 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत शहर में थीम पार्क बनाया जाएगा और माता सीता की कला दीर्घा विकसित की जाएगी। इसके साथ ही भरतकुंड को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इन योजनाओं का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए शासन की मंजूरी का इंतजार है।

योजना में केवल पर्यटन स्थलों का विकास ही नहीं, बल्कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत सड़कों का निर्माण, कुंडों और तालाबों का सौंदर्यीकरण तथा पक्की नालियों का निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

36 करोड़ रुपये से संवरेगा भरतकुंड

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने भरतकुंड के विकास के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को भेजी है। मंजूरी मिलने के बाद यहां विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन के अनुसार, भरतकुंड को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। रामायण से जुड़ी मान्यताओं के कारण इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के अनुरूप विकसित करने की तैयारी की जा रही है।

भरतकुंड के विकास से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को एक नए पर्यटन स्थल की सुविधा मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की भी संभावना है।

थीम पार्क और माता सीता की कला दीर्घा होंगे खास आकर्षण

अयोध्या के विकास के लिए तैयार प्रस्ताव में थीम पार्क और माता सीता की कला दीर्घा प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से रामायण से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने की योजना है।

माता सीता की कला दीर्घा में उनके जीवन, आदर्शों और रामायण से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित करने की संभावनाएं हैं। वहीं, प्रस्तावित थीम पार्क श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बन सकता है। हालांकि, इन परियोजनाओं की विस्तृत रूपरेखा और निर्माण संबंधी जानकारी शासन की मंजूरी तथा आगे की योजना के बाद स्पष्ट होगी।

अयोध्या विजन-2047 के तहत तैयार हुई योजना

अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन के मुताबिक, अयोध्या विजन-2047 के तहत रामनगरी के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में 180 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

इस योजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और जलाशयों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों से स्थानीय निवासियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

शासन की मंजूरी के बाद शुरू होंगे काम

फिलहाल प्रस्तावित परियोजनाओं पर शासन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण और विकास कार्यों की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद अलग-अलग परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।

अयोध्या में लगातार विकसित हो रहे धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बीच यह योजना रामनगरी की पहचान को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं का काम कब शुरू होता है और इन्हें पूरा करने की समय-सीमा क्या तय की जाती है।

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