बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश — यूपी के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामपुर में मंगलवार रात साढ़े नौ बजे पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान बीच सड़क पर करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें दो युवकों की गोली लगने से मौत हो गई और एक युवक को कार से कुचल दिया गया। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी बल तैनात किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गांव निजामपुर निवासी सोनू (42) पुत्र सुनील और अजब सिंह (48) ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।
मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे सोनू अपने साथियों प्रशांत और सत्तू के साथ स्विफ्ट कार से गांव वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में उसकी मुलाकात अजब सिंह से हो गई जो अपने साथियों उत्तम और रतन के साथ स्कॉर्पियो कार से आ रहा था। गांव से दो किलोमीटर पहले दोनों पक्षों आमना-सामना होने पर पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच 20 से 22 राउंड फायरिंग हुई। इस गोलीबारी में सोनू और अजब सिंह के सीने में गोली लग गई, जबकि दूसरे पक्ष के रतन और अरविंद के पैरों में गोली लगी।
गोली लगने के बाद सोनू और अजब सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। इसके बाद उत्तम और रतन घायल अजब को उठाकर स्कॉर्पियो से अस्पताल ले जाने लगे और सड़क पर पड़े सोनू के ऊपर से कार गुजार दी, जिससे सोनू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल अजब सिंह को ग्रेटर नोएडा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बवाल और दो हत्याओं की सूचना मिलते ही रात करीब डेढ़ बजे एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मुआयना कर स्थानीय पुलिस अफसरों से पूरी जानकारी ली और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच के कड़े निर्देश दिए।
मृतक सोनू के परिवार में पिता यादराम, पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। बुधवार सुबह 11:45 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद सोनू का शव गांव लाया गया। इलाके में तनाव को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कड़े सुरक्षा पहरे के बीच गांव के श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत केवल परिवार के 10 से 15 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई, बाकी लोगों को पुलिस ने रोक दिया।