संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने एक बार फिर सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुकर्रबपुर क्षेत्र में ग्राम सभा की भूमि पर बने एक इमामबाड़े और मजार को प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के बाद बुलडोजर चलाकर हटा दिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई और संबंधित पक्षों को पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर भी दिया गया था। हालांकि तय समय सीमा तक किसी भी व्यक्ति ने दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिसके बाद बेदखली का आदेश लागू किया गया।
प्रशासन के अनुसार कार्रवाई जिस भूमि पर हुई, वह ग्राम सभा की गाटा संख्या-765 की बंजर जमीन है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 0.295 हेक्टेयर बताया गया है। राजस्व विभाग की जांच में इस भूमि पर अवैध निर्माण होने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत मामला दर्ज किया गया और सार्वजनिक सूचना जारी कर संबंधित पक्षों को न्यायालय में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय तक कोई भी व्यक्ति स्वामित्व या वैध अधिकार के समर्थन में दस्तावेज लेकर सामने नहीं आया। इसके बाद सक्षम न्यायालय ने भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश पारित किया, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटा दिया।
संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस जमीन का उपयोग सार्वजनिक हित और जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास सहित अन्य विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
जिलाधिकारी के मुताबिक, कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किए गए, सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई और न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद ही बुलडोजर अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि अब तक किसी भी पक्ष ने न्यायालय के आदेश को चुनौती नहीं दी है।
प्रशासनिक कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संभल दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वे जिले में लगभग 550 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर सकते हैं। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।
संभल में हाल के दिनों में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। इससे पहले भी प्रशासन ने मढ़न गांव में करीब 10.5 बीघा सरकारी और कब्रिस्तान की भूमि को कब्जामुक्त कराया था। उस कार्रवाई के दौरान भी अवैध निर्माण हटाए गए थे और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और सभी कार्रवाइयां न्यायालय के आदेश तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएंगी।