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यूपी ATS की बड़ी कार्रवाई: ISI से जुड़े संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का सदस्य गिरफ्तार

 सोशल मीडिया के जरिए हुआ था संपर्क लखनऊ: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बलरामपुर जिले के गैसड़ी क्षेत्र से शहरोज अहमद को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म […]

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  • July 21, 2026 9:08 am IST, Published 7 hours ago

 सोशल मीडिया के जरिए हुआ था संपर्क

लखनऊ: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बलरामपुर जिले के गैसड़ी क्षेत्र से शहरोज अहमद को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था।

सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क

एटीएस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की पहचान कथित तौर पर जसवीर चौधरी नामक एक ISI एजेंट से फेसबुक के माध्यम से हुई थी। इसके बाद वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के जरिए संपर्क में रहा और कथित रूप से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से जुड़ गया।

युवाओं को जोड़ने की साजिश का आरोप

एटीएस का कहना है कि जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को आर्थिक प्रलोभन और भ्रामक प्रचार के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

हथियार और फंडिंग से जुड़े आरोप

पूछताछ के आधार पर एटीएस का दावा है कि आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि सोशल मीडिया पर “शूटर्स” की तलाश संबंधी पोस्ट से प्रभावित होकर उसने संपर्क किया। इसके बाद वह कथित रूप से आतंकी साजिश, धन उपलब्ध कराने, हथियार खरीदने और प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुआ।

मामला दर्ज, आगे की जांच जारी

एटीएस ने आरोपी के खिलाफ लखनऊ स्थित एटीएस थाने में मामला दर्ज कर लिया है। उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी शेष है।

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