लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित प्रतिष्ठित सरकारी भवन जवाहर भवन में सोमवार सुबह भीषण आग लगने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आग भवन की ऊपरी मंजिल पर लगी, जिसके बाद देखते ही देखते धुआं पूरे परिसर में फैल गया। कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकाला गया और पूरे भवन को एहतियातन खाली करा दिया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
इस दौरान आग बुझाने के प्रयासों के बीच भवन की जर्जर छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया गया था, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और उनके रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह करीब 9:40 बजे लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार सुबह लगभग 9:40 बजे भवन की ऊपरी मंजिल से धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना फायर विभाग और प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कई फायर टेंडरों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
धुएं की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकल कर्मियों को विशेष सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना पड़ा। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया।
छत गिरने से बढ़ी चिंता
आग बुझाने के दौरान भवन की जर्जर छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। इससे राहत और बचाव कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। प्रशासन ने तत्काल पूरे इलाके को सुरक्षा घेरा बनाकर खाली करा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि भवन के पुराने ढांचे और आग की तीव्र गर्मी के कारण छत कमजोर होकर गिर गई।
सरकारी फाइलों के जलने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग उस हिस्से में लगी जहां विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं। ऐसे में कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों और फाइलों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितनी फाइलें या रिकॉर्ड क्षतिग्रस्त हुए हैं।
संबंधित विभागों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यदि महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट होने की पुष्टि होती है तो यह प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। उन्होंने संबंधित विभागों को वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की बात भी कही।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
फायर विभाग, विद्युत विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
जर्जर सरकारी भवनों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राज्य के पुराने सरकारी भवनों की सुरक्षा और रखरखाव पर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई सरकारी इमारतें वर्षों पुरानी हैं और उनकी समय-समय पर तकनीकी जांच तथा अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराया जाना आवश्यक है।
यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसे हादसे और गंभीर रूप ले सकते हैं। इसलिए प्रशासन के सामने अब सरकारी भवनों की संरचनात्मक मजबूती और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की चुनौती है।
फायर विभाग ने दिखाई तत्परता
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। अधिकारियों के अनुसार यदि समय पर आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था।
राहत कार्य के दौरान पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर लोगों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए रोक दी गई।
प्रशासन करेगा विस्तृत आकलन
प्रशासन अब आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है। भवन की संरचनात्मक स्थिति की जांच इंजीनियरों की टीम करेगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि भविष्य में इस भवन का उपयोग सुरक्षित है या नहीं।
फिलहाल राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सरकारी संपत्ति और दस्तावेजों को हुए संभावित नुकसान की पूरी तस्वीर जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।