नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं के एक समूह पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है, जिसमें जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल हैं। इस बीच, अयोध्या पुलिस ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों में से एक, अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ के लिए उसकी हिरासत ले ली है।
विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती जांच में राम मंदिर के गिनती कक्ष (काउंटिंग रूम) में भारी सुरक्षा चूक और अनियमितताओं का पर्दाफाश हुआ है। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, गिनती कक्ष में तैनात स्टाफ द्वारा अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और निजी सामान में नकदी के बंडल छिपाने के गंभीर मामले सामने आए हैं।
सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्ध हरकतें: एसआईटी के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर स्टाफ की लगभग 70 संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं, जिनमें वे नकदी छिपाते हुए नजर आ रहे हैं।
कमजोर सुरक्षा प्रोटोकॉल: जांच में यह भी सामने आया कि गिनती हॉल के प्रवेश और निकास द्वारों पर कर्मचारियों की सघन जांच (फ्रिस्किंग) की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, कर्मचारियों द्वारा अंदर लाए जाने वाले और बाहर ले जाए जाने वाले निजी सामानों की निगरानी भी बेहद कमजोर थी।