IPAC से अलग हुई समाजवादी पार्टी, रणनीति में बदलाव की आहट

समाजवादी पार्टी और चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी IPAC के बीच चल रहा रिश्ता आखिरकार टूट गया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह दूरी अचानक नहीं बनी, बल्कि पिछले कुछ समय से हालात बिगड़ते जा रहे थे। IPAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल के जेल जाने के बाद से ही कंपनी का कामकाज लगभग ठप […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • May 6, 2026 12:18 pm IST, Published 6 days ago

समाजवादी पार्टी और चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी IPAC के बीच चल रहा रिश्ता आखिरकार टूट गया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह दूरी अचानक नहीं बनी, बल्कि पिछले कुछ समय से हालात बिगड़ते जा रहे थे।
IPAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल के जेल जाने के बाद से ही कंपनी का कामकाज लगभग ठप पड़ गया था। इससे समाजवादी पार्टी की चुनावी तैयारियों पर भी असर दिखने लगा।
इसी बीच, ममता बनर्जी के कहने पर IPAC की टीम ने 7 मार्च को लखनऊ में एक अहम प्रेजेंटेशन दिया।

इस बैठक में अखिलेश यादव खुद मौजूद थे। उस वक्त यह उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों के बीच सहयोग फिर पटरी पर आ सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आखिरकार, समाजवादी पार्टी ने IPAC से अपने संबंध खत्म करने का फैसला कर लिया।

Advertisement