बदहाली की मार झेल रहा ऐतिहासिक डाक बंगला, संरक्षण की उठी मांग

सादुल्लानगर/बलरामपुर। कस्बे में स्थित जिला पंचायत का ऐतिहासिक डाक बंगला इन दिनों उपेक्षा का शिकार होकर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ब्रिटिश काल में बना यह करीब एक सदी पुराना भवन कभी बड़े राजनेताओं और अधिकारियों के ठहरने का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, जहां कई महत्वपूर्ण बैठकें और ऐतिहासिक घटनाएं भी हुईं। […]

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  • April 29, 2026 6:26 pm IST, Published 1 hour ago

सादुल्लानगर/बलरामपुर। कस्बे में स्थित जिला पंचायत का ऐतिहासिक डाक बंगला इन दिनों उपेक्षा का शिकार होकर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ब्रिटिश काल में बना यह करीब एक सदी पुराना भवन कभी बड़े राजनेताओं और अधिकारियों के ठहरने का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, जहां कई महत्वपूर्ण बैठकें और ऐतिहासिक घटनाएं भी हुईं।
वर्तमान में इस धरोहर की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, छत से पानी टपकता है, जबकि खिड़कियां और दरवाजे भी टूट-फूट चुके हैं। परिसर में चारों ओर गंदगी और कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे इसकी स्थिति और दयनीय हो गई है।
स्थानीय नागरिक राधेश्याम गुप्ता और रमेश चंद्र तिवारी ने प्रशासन से इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग की है। वहीं समाजसेवी बजरंगी यादव का कहना है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन को मिलकर इस भवन की मरम्मत और साफ-सफाई करानी चाहिए, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस विरासत को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा या फिर यह ऐतिहासिक धरोहर यूं ही धीरे-धीरे खत्म होती चली जाएगी।

 

रमेश कुमार शर्मा। गौरवशाली भारत

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