8 बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को 4,104.82 करोड़ रुपये की आठ बड़ी निवेश परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) जारी करने की मंजूरी दे दी गई। इन परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न हिस्सों […]
August 25, 2026 8:44 am IST, Published 27 minutes ago
8 बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को 4,104.82 करोड़ रुपये की आठ बड़ी निवेश परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) जारी करने की मंजूरी दे दी गई। इन परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (HLEC) की बैठक हुई। इसी बैठक में इन निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम (OIMS) पोर्टल के जरिए मूल्यांकन समिति की संस्तुति पहले ही प्राप्त हो चुकी थी।
विनिर्माण से सौर ऊर्जा तक निवेश
स्वीकृत परियोजनाओं में मेगा और सुपर मेगा श्रेणी की इकाइयां शामिल हैं। इनका विस्तार विनिर्माण, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, वायर एवं इलेक्ट्रिकल उत्पाद, डेयरी और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में होगा।
मंजूर की गई प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं—
APL Apollo Tubes Ltd. — गोरखपुर में 320 करोड़ रुपये
Terrestrial Food Processors Pvt. Ltd. — अमरोहा में 277.30 करोड़ रुपये
UltraTech Cement Ltd. — ललितपुर में 738 करोड़ रुपये
Shukra Pharmaceuticals Ltd. — गौतमबुद्धनगर में 587.50 करोड़ रुपये
Goodluck India Ltd. — बुलंदशहर में 268.67 करोड़ रुपये
GK Windings Wires Ltd. — हाथरस में 381.14 करोड़ रुपये
Banaskantha District Cooperative Milk Producers Ltd. — बागपत में 539.83 करोड़ रुपये
Alpex Solar Ltd. — मथुरा में 992.38 करोड़ रुपये
इन आठ परियोजनाओं का कुल प्रस्तावित निवेश 4,104.82 करोड़ रुपये है।
औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी। विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, सीमेंट और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नई इकाइयों के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने और पात्र कंपनियों को औद्योगिक निवेश नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर है।
निवेश प्रक्रिया को तेज करने पर जोर
बैठक में अधिकारियों ने निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन और प्रोत्साहन से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की। सरकार का लक्ष्य निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराकर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश में 4,104 करोड़ रुपये के नए निवेश का रास्ता साफ हुआ है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ रोजगार सृजन को भी गति मिलने की उम्मीद है।