लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक और अनुपूरक बजट लाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विधानसभा चुनाव और प्रस्तावित अंतरिम बजट से पहले सरकार अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान कर सकती है। इस संबंध में वित्त विभाग को तैयारियों के संकेत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव और इसकी राशि को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
माना जा रहा है कि यदि अनुपूरक बजट लाया जाता है तो इसमें चालू वित्तीय वर्ष की जरूरतों के साथ कुछ नई योजनाओं के लिए भी धन की व्यवस्था की जा सकती है। अगस्त 2026 में सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया था। अब शीतकालीन सत्र में एक और अनुपूरक बजट लाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे वित्तीय वर्ष के कुल बजट का आकार 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की स्थिति बन सकती है।
इस संभावित अनुपूरक बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। रिपोर्टों में कहा गया है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से करीब 40 हजार रुपये की सहायता देने वाली योजना पर विचार हो सकता है। इस राशि का इस्तेमाल व्यापार या स्वरोजगार शुरू करने के लिए किए जाने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि, इस योजना को लेकर अभी सरकार की तरफ से अंतिम निर्णय या विस्तृत दिशा-निर्देश सार्वजनिक नहीं किए गए हैं|
महिलाओं के साथ युवाओं के लिए भी कुछ नई घोषणाएं किए जाने की अटकलें हैं। रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास या अन्य आर्थिक सहायता से संबंधित योजनाओं को अनुपूरक बजट में जगह मिल सकती है। इन प्रस्तावों को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और अंतिम जानकारी बजट दस्तावेज तथा सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी।
सरकार के सामने इस समय पहले से स्वीकृत योजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराने और नई प्राथमिकताओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान करने की चुनौती भी है। ऐसे में अनुपूरक बजट के जरिए अलग-अलग विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। इससे विकास कार्यों और प्रस्तावित नई योजनाओं के लिए बजटीय आधार तैयार करने में मदद मिल सकती है।
शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पेश किए जाने की संभावना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद राज्य सरकार अंतरिम बजट की प्रक्रिया की ओर बढ़ेगी। अगस्त में पेश किए गए अनुपूरक बजट में भी नई योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए थे। फिलहाल 40 हजार रुपये की सहायता, महिलाओं के लिए नई योजनाओं और युवाओं से जुड़ी संभावित घोषणाओं को लेकर चर्चा है, लेकिन इन्हें अंतिम निर्णय मानना जल्दबाजी होगी। आधिकारिक प्रस्ताव सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन योजनाओं को मंजूरी मिलती है और उनके लिए कितनी राशि निर्धारित की जाती है। दिसंबर में प्रस्तावित शीतकालीन सत्र इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकता है।