लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस-प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद तेज होती दिखाई दे रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 20 आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस तबादला सूची में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) स्तर के अधिकारियों से लेकर पुलिस अधीक्षक (SP), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और अन्य पदों पर तैनात अधिकारी शामिल हैं। तबादलों के साथ प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कप्तान भी बदले गए हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, ए. सतीश गणेश से अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध का अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर यह जिम्मेदारी भगवान एस. श्रीवास्तव को सौंपी गई है। वहीं कई जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की तैनाती की गई है। बाराबंकी, बस्ती, जौनपुर, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, जालौन, बागपत और हापुड़ समेत कई जिलों में पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया गया है।
ए. सतीश गणेश से क्राइम का अतिरिक्त प्रभार हटा
तबादला आदेश में 1996 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ए. सतीश गणेश की जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के पद पर बनाए रखा गया है, लेकिन उनके पास मौजूद अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध का अतिरिक्त प्रभार अब हटा दिया गया है।
अपराध शाखा की अतिरिक्त जिम्मेदारी अब 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी भगवान एस. श्रीवास्तव को दी गई है। भगवान एस. श्रीवास्तव अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे और इसके साथ उन्हें एडीजी अपराध का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
इस बदलाव को पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और तकनीकी पुलिसिंग से जुड़े मामलों में इन अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
बस्ती से जौनपुर भेजे गए यशवीर सिंह
तबादला सूची में 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी यशवीर सिंह का नाम भी शामिल है। उन्हें पुलिस अधीक्षक, बस्ती के पद से स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक, जौनपुर बनाया गया है। जौनपुर में अब पुलिस प्रशासन की कमान यशवीर सिंह संभालेंगे।
वहीं जौनपुर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह को पुलिस अधीक्षक, पीएसी मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ भेजा गया है। इस बदलाव के साथ जौनपुर जिले के पुलिस नेतृत्व में परिवर्तन हुआ है।
रवीना त्यागी को मिली बाराबंकी की कमान
2014 बैच की आईपीएस अधिकारी रवीना त्यागी को पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में पुलिस उपायुक्त के पद से हटाकर पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी की जिम्मेदारी दी गई है। बाराबंकी प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है और लखनऊ से इसकी भौगोलिक एवं प्रशासनिक निकटता के कारण यहां कानून-व्यवस्था की भूमिका भी अहम रहती है।
वहीं बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के पद पर भेजा गया है। इस बदलाव के बाद लखनऊ कमिश्नरेट में भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल हुआ है।
मुजफ्फरनगर में बदले पुलिस कप्तान
मुजफ्फरनगर में भी पुलिस नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया गया है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार, जो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर के पद पर तैनात थे, उन्हें सेनानायक, 04वीं वाहिनी पीएसी, प्रयागराज बनाया गया है।
उनकी जगह आईपीएस अधिकारी सूरज कुमार राय को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले सूरज कुमार राय पुलिस अधीक्षक, बागपत के पद पर कार्यरत थे। यानी मुजफ्फरनगर और बागपत दोनों जिलों में पुलिस नेतृत्व से जुड़े बदलाव हुए हैं।
मऊ और बलिया में भी बदली जिम्मेदारी
मऊ के पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर को उनके मौजूदा पद से हटाकर पुलिस अधीक्षक, लोक शिकायत, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ भेजा गया है। उनके स्थान पर सर्वेश कुमार मिश्रा को पुलिस अधीक्षक, मऊ की जिम्मेदारी दी गई है।
सर्वेश कुमार मिश्रा इससे पहले सेनानायक, 04वीं वाहिनी पीएसी, प्रयागराज के पद पर तैनात थे। वहीं गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक ईराज राजा को स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक, बलिया बनाया गया है। इस तरह पूर्वांचल के दोनों महत्वपूर्ण जिलों में भी पुलिस नेतृत्व में बदलाव देखने को मिला है।
गाजीपुर की जिम्मेदारी विनय कुमार सिंह को
आईपीएस अधिकारी विनय कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक, जालौन के पद से स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक, गाजीपुर बनाया गया है। गाजीपुर में उनके सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।
वहीं जालौन में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सुरेश चंद्र रावत को दी गई है। इससे पहले सुरेश चंद्र रावत अपर पुलिस अधीक्षक, मथुरा के पद पर कार्यरत थे। उन्हें अब जिले की पुलिस व्यवस्था की कमान सौंपी गई है।
बागपत को मिला नया पुलिस कप्तान
पुलिस अधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर टू डीजीपी के पद पर तैनात पूर्णेंदु सिंह को पुलिस अधीक्षक, बागपत बनाया गया है। इस नियुक्ति के साथ बागपत जिले की पुलिस व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है।
वहीं आईपीएस अधिकारी सूरज कुमार राय के मुजफ्फरनगर जाने के बाद बागपत पुलिस के लिए नई जिम्मेदारी तय की गई है। नए अधिकारियों की तैनाती के साथ जिलों में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी।
हापुड़ की कमान मधुवन कुमार सिंह को
तबादला सूची के अनुसार मधुवन कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक नगर, आजमगढ़ के पद से हटाकर पुलिस अधीक्षक, हापुड़ की जिम्मेदारी दी गई है। हापुड़ में अब वह जिले की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।
वहीं आजमगढ़ में पुलिस अधीक्षक नगर की जिम्मेदारी को लेकर भी बदलाव हुआ है। चिराग जैन को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, आजमगढ़ से स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक नगर, बरेली बनाया गया है। इसके साथ ही मानुष पारीक को पुलिस अधीक्षक नगर, बरेली से हटाकर पुलिस अधीक्षक नगर, आजमगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।
बरेली और आजमगढ़ में भी फेरबदल
चिराग जैन के बरेली जाने और मानुष पारीक के आजमगढ़ आने से दोनों जिलों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। इन बदलावों के जरिए जिलों में पुलिस प्रशासन के अनुभव और कार्यशैली के आधार पर नई तैनाती की गई है।
आजमगढ़ जैसे बड़े जिले में पुलिस अधीक्षक नगर का पद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं बरेली में भी शहरी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, यातायात और अपराध नियंत्रण की दृष्टि से पुलिस अधीक्षक नगर की भूमिका अहम होती है।
मथुरा में भी बदली पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी
आईपीएस अधिकारी आलोक राज नारायण को सहायक पुलिस अधीक्षक, हरदोई के पद से स्थानांतरित कर अपर पुलिस अधीक्षक, मथुरा बनाया गया है। इससे मथुरा पुलिस प्रशासन में भी वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर बदलाव हुआ है।
मथुरा धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। ऐसे में यहां पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहती है।
चुनाव से पहले पुलिस व्यवस्था पर जोर
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की तैनाती को लेकर सरकार लगातार बदलाव कर रही है। हालांकि किसी भी तबादले के पीछे सरकार का आधिकारिक प्रशासनिक कारण ही अंतिम आधार माना जाता है, लेकिन चुनावी दौर में पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियां राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती का सीधा असर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग की प्राथमिकताओं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में इन अधिकारियों की कार्यशैली और जिलों में पुलिस व्यवस्था पर इसके प्रभाव पर नजर रहेगी।
20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले से बड़ा बदलाव
कुल मिलाकर 20 आईपीएस अधिकारियों के इस फेरबदल से उत्तर प्रदेश पुलिस के कई स्तरों पर जिम्मेदारियां बदली हैं। एडीजी स्तर पर अपराध शाखा की जिम्मेदारी में बदलाव से लेकर जिलों के पुलिस कप्तानों की नई तैनाती तक, इस आदेश का दायरा व्यापक है।
बाराबंकी, जौनपुर, बस्ती, बलिया, मऊ, गाजीपुर, जालौन, मुजफ्फरनगर, बागपत और हापुड़ जैसे जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती से स्थानीय पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब इन अधिकारियों के सामने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता के बीच पुलिस की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की चुनौती होगी।
सरकार के इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में पुलिस विभाग में और प्रशासनिक बदलाव होते हैं या नहीं, इस पर भी निगाहें रहेंगी। फिलहाल 20 आईपीएस अधिकारियों का यह तबादला उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।