कोलकाता: लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 3 जुलाई को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए विधायकों को संसदीय परंपराओं, विधायी प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना है।
उद्घाटन सत्र में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा के अध्यक्ष, विपक्ष के नेता तथा कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और संवैधानिक पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से होगी, जबकि समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया जाएगा।
दो दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नए विधायकों को एक प्रभावी जनप्रतिनिधि की भूमिका, संसदीय परंपराओं और शिष्टाचार, प्रश्नकाल के माध्यम से सरकार की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया, समिति प्रणाली, निजी सदस्य विधेयकों की भूमिका, विधायी प्रक्रिया, बजट एवं वित्तीय कार्य, संसदीय विशेषाधिकार, आचारनीति तथा राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (NeVA) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
इन तकनीकी सत्रों का संचालन देश के विभिन्न विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, वरिष्ठ सांसद, संवैधानिक विशेषज्ञ और संसदीय मामलों के अनुभवी विशेषज्ञ करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विधायकों को प्रभावी, जवाबदेह और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करने के लिए तैयार करना भी है।
आयोजकों का मानना है कि इस पहल से नए विधायकों को कानून निर्माण, वित्तीय निगरानी, समिति व्यवस्था और सदन की कार्यवाही को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सर्वोत्तम संसदीय कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान भी होगा, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यक्षमता और मजबूत होगी।
कार्यक्रम का समापन 4 जुलाई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के ऐतिहासिक सदन कक्ष में होगा। समापन समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि मुख्य संबोधन देंगे। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी अपने विचार साझा करेंगे।
यह प्रबोधन कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज़ (PRIDE) द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाना, जनप्रतिनिधियों की क्षमता का विकास करना और विधायी कार्यों में दक्षता बढ़ाना है।